नई दिल्ली/नागपुर/कोलकाता। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शीर्ष पदाधिकारियों ने देशवासियों को स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को स्मरण करने, राष्ट्रीय एकता मजबूत करने और भारत को विश्व के सामने आदर्श राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का संदेश दिया। नई दिल्ली में सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, नागपुर में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और कोलकाता में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने अलग-अलग कार्यक्रमों में ध्वजारोहण किया।
नई दिल्ली में डॉ. कृष्ण गोपाल ने किया ध्वजारोहण
नई दिल्ली स्थित केशव कुंज में श्री केशव स्मारक समिति के तत्वावधान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने ध्वजारोहण किया। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के बाद राष्ट्रगान हुआ और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के दल ने तिरंगे को सलामी दी।
देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि भारत अपनी स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। उन्होंने स्वतंत्रता के लिए लंबे संघर्ष और बलिदान देने वाले महापुरुषों, महिलाओं तथा स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत ने निरंतर प्रगति की है और आज देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कामना की कि पूरा देश एकजुट होकर आगे बढ़े और विश्व के सामने एक उत्तम आदर्श प्रस्तुत करे।

नागपुर में 200 फीट ऊंचे ध्वज स्तंभ पर फहराया तिरंगा
नागपुर के ऐतिहासिक कस्तूरचंद पार्क में नागपुर महानगरपालिका के सहयोग से ‘लोकमत’ समाचार समूह द्वारा स्थापित 200 फीट ऊंचे ध्वज स्तंभ पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने राष्ट्रध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने ‘भारत के उज्ज्वल भविष्य में युवाओं का योगदान’ विषय पर संबोधित किया। कार्यक्रम में ‘लोकमत’ एडिटोरियल बोर्ड के चेयरमैन एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. विजय दर्डा तथा महापौर नीता ठाकरे मौजूद रहीं।
डॉ. भागवत ने कहा कि भारत की विशाल युवा आबादी केवल जनसंख्या का आंकड़ा नहीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी ताकत है। शिक्षा, कौशल, उद्यमिता, रोजगार सृजन और राष्ट्रहित की भावना के जरिए इस ‘डेमोग्राफिक डिविडेंड’ को राष्ट्रीय शक्ति में बदला जा सकता है।
उन्होंने युवाओं से केवल अपने भविष्य तक सीमित न रहने और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जिम्मेदारी स्वीकार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में ऊर्जा, सपने और कुछ नया करने की ललक होती है। इस ऊर्जा को सही दिशा देकर राष्ट्र निर्माण में लगाया जाना जरूरी है।
युवाओं को रोजगार देने वाला बनने की जरूरत
सरसंघचालक ने कहा कि रोजगार का अर्थ केवल नौकरी हासिल करना नहीं है। युवाओं में उद्योग और व्यवसाय के जोखिम उठाने का साहस होना चाहिए। उन्हें स्वयं रोजगार प्राप्त करने के साथ दूसरों के लिए रोजगार पैदा करने की मानसिकता भी विकसित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत को अमेरिका, चीन या ऑस्ट्रेलिया से अपनी तुलना करने के बजाय अपनी संस्कृति, मूल्यों और आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की दिशा तय करनी चाहिए। दुनिया आज अधूरी दृष्टि के कारण अनेक संघर्षों से जूझ रही है और ऐसे समय में भारत के सामने दुनिया को मार्ग दिखाने की जिम्मेदारी है।
डॉ. भागवत ने कहा कि युवा पीढ़ी को साहस, कर्मशीलता, त्याग और शौर्य के आधार पर स्वयं को तैयार करना होगा। देश की प्रतिष्ठा और सुरक्षा को मजबूत करने में भी युवाओं को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
विरोध करें, लेकिन संविधान की मर्यादा का रखें ध्यान
डॉ. भागवत ने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचार और विरोधी दृष्टिकोण स्वाभाविक हैं। सवाल उठाना, आंदोलन करना और विरोध करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन विरोध के दौरान संविधान और उसकी मर्यादाओं का ध्यान रखना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मतभेद होने के बावजूद मन में वैमनस्य नहीं होना चाहिए। विविधता में एकता और सहचित्त का निर्माण ही तिरंगे में मौजूद धम्मचक्र का संदेश है।
नागपुर संघ कार्यालय में भी ध्वजारोहण
स्वतंत्रता दिवस पर डॉ. मोहन भागवत ने नागपुर स्थित महाल संघ कार्यालय में भी ध्वजारोहण किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता गौरव और उत्सव का विषय है। अनेक पीढ़ियों के त्याग और बलिदान से देश को स्वतंत्रता मिली है। अब स्वतंत्रता को सुरक्षित रखते हुए भारत को सुखी, संपन्न और सुरक्षित राष्ट्र बनाना वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि भारत को विश्व में अपना उचित योगदान देने वाला राष्ट्र बनाना होगा और मानवता के जीवन में सार्थक योगदान करने वाले विश्वगुरु राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास करना होगा।
कोलकाता में दत्तात्रेय होसबाले ने दिलाया विश्वगुरु भारत का संकल्प
कोलकाता स्थित संघ कार्यालय ‘केशव भवन’ (मानिकतला) में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस को पवित्रता, स्वाभिमान और प्रेरणा का दिवस बताते हुए देशवासियों से भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि भारत एक अमर, शाश्वत और गौरवशाली राष्ट्र है। बंगाल सहित देशभर के अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। आज प्रत्येक भारतीय का दायित्व है कि देश की अखंडता और एकात्मता को अक्षुण्ण रखते हुए प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के पूर्ण विकास के लिए योगदान दे।
होसबाले ने कहा कि भारत पिछले कुछ समय में विश्व पटल पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ते हुए दुनिया के सामने उदाहरण प्रस्तुत करने की क्षमता रखता है।
उन्होंने कहा कि भारत को ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना के साथ अपनी स्वतंत्रता को अन्य देशों के लिए आदर्श और सहयोग की मिसाल बनाना चाहिए। उन्होंने देशवासियों से स्वतंत्रता आंदोलन के बलिदानियों को स्मरण करते हुए भारत को सामाजिक और आर्थिक रूप से अधिक संगठित एवं मजबूत बनाने का संकल्प लेने की अपील की।
