रायपुर। भारत सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए जमीनी स्तर से लेकर उच्च स्तरीय वैज्ञानिक प्रशिक्षण, पोषण, आधुनिक संसाधनों और खिलाड़ियों के पुनर्वास तक की सुविधाओं को विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी दिशा में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में अप्रैल माह में श्रीनगर में आयोजित चिंतन शिविर में देशभर के खेल मंत्रियों ने खेलों के समग्र विकास पर व्यापक चर्चा की थी।

चिंतन शिविर में ‘मेडल स्ट्रेटेजी 2048’, खेलो भारत नीति तथा डोपिंग मुक्त खेल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर फोकस किया गया। इसका उद्देश्य वर्ष 2048 तक भारत को विश्व के शीर्ष पांच खेल राष्ट्रों में शामिल करना है।
इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के खेल मंत्री अरुण साव की पहल पर राज्य में खेल प्रतिभाओं को स्कूली स्तर से तैयार करने की दिशा में प्रयास तेज किए जा रहे हैं। इसके तहत रायपुर जिला स्कूली शिक्षा विभाग ने खेल प्रतिभाओं के विकास के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।
30 विद्यालयों में नियमित खेल प्रशिक्षण
जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती के मार्गदर्शन में रायपुर जिले के लगभग 30 चयनित विद्यालयों में नियमित खेल प्रशिक्षण शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में करीब 300 छात्र-छात्राओं को विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण वर्षभर जारी रहेगा।
यह पहली बार है जब जिला शिक्षा विभाग के माध्यम से प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी स्तर के विद्यार्थियों को व्यवस्थित एवं नियमित खेल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।
अनुभवी प्रशिक्षकों का मिल रहा मार्गदर्शन
स्कूली शिक्षा विभाग में कार्यरत कई खेल शिक्षक एनआईएस प्रशिक्षित कोच, राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तथा बी.पी.एड. और एम.पी.एड. योग्यताधारी हैं। ये प्रशिक्षक ओलंपिक खेलों के साथ-साथ स्कूल खेल कैलेंडर में शामिल विभिन्न खेलों का नियमित प्रशिक्षण विद्यार्थियों को प्रदान कर रहे हैं।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप पहल
जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती का मानना है कि खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्राथमिक और माध्यमिक स्तर से ही निखारना आवश्यक है। नई शिक्षा नीति में भी खेलों को शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। उन्होंने बताया कि जिले के अधिकांश खेल शिक्षक ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी प्रशिक्षण गतिविधियों को नियमित रूप से जारी रखे हुए हैं।
इस पहल को सफल बनाने में सहायक जिला खेल अधिकारी छाया प्रकाश राव का भी विशेष सहयोग मिल रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यह प्रयास भविष्य में रायपुर को एक प्रमुख खेल प्रशिक्षण हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
