रायपुर। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने विभागीय पदोन्नति में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर शासन से पुनर्विचार की मांग की है। संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम मांग पत्र लोक शिक्षण संचालनालय को सौंपते हुए वर्तमान में प्रक्रियाधीन पदोन्नति प्रक्रिया को पूर्व प्रचलित व्यवस्था के अनुसार पूरा करने का आग्रह किया।
संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष उमेश भारती गोस्वामी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मांग पत्र सौंपा। इस दौरान प्रांतीय संगठन मंत्री ओंकार सिंह ठाकुर, प्रांत अध्यक्ष संजय सिंह ठाकुर, महामंत्री मनोज राय और रायपुर जिलाध्यक्ष मनीष देवांगन सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
संघ का कहना है कि जिला एवं संभाग स्तर पर प्रक्रियाधीन विभागीय पदोन्नति में अग्रेतर पदों के लिए सीधी भर्ती की न्यूनतम अर्हताओं को लागू किया जा रहा है। इसमें संबंधित पद के स्तर के अनुरूप TET उत्तीर्ण करने की शर्त भी शामिल है। संघ ने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की विभागीय पदोन्नति में इस नई शर्त को लागू करना न्यायसंगत नहीं है।
NCTE की अधिसूचना का दिया हवाला
शिक्षक संघ ने 25 अगस्त 2010 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा कि अधिसूचना से पहले कक्षा 1 से 8 तक नियुक्त शिक्षकों को निर्धारित न्यूनतम योग्यता प्राप्त करने की अनिवार्यता से मुक्त रखने का प्रावधान किया गया था। संघ ने इसी भावना के अनुरूप वर्तमान पदोन्नति प्रक्रिया में भी नई बाध्यताओं से छूट देने की मांग की है।
संघ ने कहा कि शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है और राज्य सरकार को राज्यहित में आवश्यक प्रावधान करने का अधिकार है। ऐसे में विभागीय पदोन्नति में कार्यरत शिक्षकों की सेवा, अनुभव और पूर्व व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आवश्यक शिथिलता दी जा सकती है।
2019 से 2025 तक गैर-TET शिक्षकों की पदोन्नति का उल्लेख
संघ ने दावा किया कि वर्ष 2019 से 2025 के बीच हुई विभिन्न विभागीय पदोन्नतियों में गैर-TET शिक्षकों को भी उनकी वरिष्ठता, शैक्षणिक योग्यता और सेवा अनुभव के आधार पर उच्च पदों पर पदोन्नति दी गई है। संघ के अनुसार पूर्व में विभागीय पदोन्नति में इसी व्यवस्था का पालन होता रहा है।
शिक्षक संघ ने आशंका जताई कि पदोन्नति प्रक्रिया के बीच नई अर्हताओं को अनिवार्य किए जाने से वर्षों से सेवा दे रहे कई शिक्षक पदोन्नति के अवसर से वंचित हो सकते हैं। इससे शिक्षकों में असमंजस और असंतोष की स्थिति पैदा हो रही है।
संघ ने शासन से मांग की है कि वर्तमान में प्रक्रियाधीन विभागीय पदोन्नति को नई बाध्यताओं से मुक्त रखते हुए पूर्व प्रचलित प्रक्रिया के अनुसार पूरा किया जाए और विभागीय पदोन्नति में TET की अनिवार्यता को लेकर उचित शिथिलता प्रदान की जाए।
इस दौरान तहसील सचिव रमाकांत यादव, भरत कुमार डोरे, सुमित पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
