रायपुर। छत्तीसगढ़ के GST विभाग में वर्ष 2022 में हुई विभागीय परीक्षा को निरस्त किए जाने के बाद इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने जहां इसे सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति से जोड़ते हुए कार्रवाई को जरूरी बताया, वहीं PCC चीफ दीपक बैज ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
जहां गड़बड़ी मिलेगी, वहां कार्रवाई होगी- अरुण साव
परीक्षा निरस्त किए जाने को लेकर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा विष्णु का सुशासन है, जहां गड़बड़ी मिलेगी, वहां कार्रवाई होगी। युवाओं और लोगों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। अरुण साव ने इस मामले को कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से जोड़ते हुए युवाओं के साथ अन्याय और राज्य के खजाने को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए।
सरकार की कार्रवाई पर उठाए सवाल- दीपक बैज
वहीं PCC चीफ दीपक बैज ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षा शून्य घोषित करें या जांच करें, यह सरकार की मर्जी है। अगर प्रमोशन में गड़बड़ी हुई है, तो सरकार जांच कर ले। उन्होंने PSC की गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। बैज ने कहा कि सीजीपीएससी की परीक्षा का इंटरव्यू स्थगित करना भी सवाल खड़े करता है। सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए तीन साल तक इस मामले पर सोई रही, सरकार को जांच करनी है तो कर ले, हमें कोई आपत्ति नहीं है।
