रायपुर। 58वें बैंक राष्ट्रीयकरण दिवस के अवसर पर ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) की छत्तीसगढ़ राज्य इकाई ने दुर्ग जिले के ग्राम मुरमुंदा में साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में 400 से अधिक स्व-सहायता समूह (SHG) की महिलाओं ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को साइबर अपराधों और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए AIBOC के राज्य सचिव वाई. गोपालकृष्ण ने कहा कि संगठन ट्रेड यूनियन गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में भी लगातार सक्रिय है। उन्होंने बताया कि AIBOC वर्षों से वृक्षारोपण, चिकित्सकों एवं शिक्षकों का सम्मान, कोविड-19 के दौरान फ्रंटलाइन कर्मियों का सहयोग तथा वित्तीय और सामाजिक जागरूकता जैसे अभियान संचालित करता रहा है।




उन्होंने कहा कि वर्ष 1969 में बैंक राष्ट्रीयकरण के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने, कृषि, एमएसएमई, शिक्षा और गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके अनुसार, वर्तमान में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक 283 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार संचालित कर देश की अर्थव्यवस्था और वित्तीय समावेशन को सशक्त बना रहे हैं।
उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को और मजबूत बनाने के लिए ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में नई शाखाएं खोलने, जमा पर बेहतर ब्याज दर, महिलाओं, किसानों, एमएसएमई और शिक्षा क्षेत्र के लिए सुलभ ऋण तथा युवाओं की बड़े पैमाने पर भर्ती की आवश्यकता पर भी जोर दिया।




कार्यक्रम में दुर्ग के डीआईजी/एसएसपी विजय अग्रवाल (आईपीएस) और पुलिस विभाग के साइबर विशेषज्ञों ने महिलाओं को साइबर ठगी से बचने के उपाय और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के सम्मान के प्रतीक स्वरूप प्रत्येक प्रतिभागी को विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए स्मृति बैग में साड़ी भेंट की गई। इस पहल की सराहना करते हुए डीआईजी/एसएसपी विजय अग्रवाल ने ग्रामीण महिलाओं के लिए उपयोगी कार्यक्रम आयोजित करने पर AIBOC छत्तीसगढ़ की प्रशंसा की।






इस अवसर पर मिलिंद माटे, प्रवीण वर्मा, अमित कुमार, निलेश कुमार मंडावी, जय शर्मा, टी.आर. साहू, प्रियंका बर्धन, अतुल केसरवानी, राजीव सिंह, प्रकाश कुमार, अक्षय निगम, एलिन लकड़ा, आशीष साईं, राजेश मेहर, सुमित स्वर्णकार, अनिल जैसवाल, अभिषेक सोनी, मोहनीश ठाकुर सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
