Special Story

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के…

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा में अवैध रूप से…

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

राजनांदगांव। देश भर में 7 मार्च से घरेलू में 60 रुपए…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

वीर सैनिक रणजीत सिंह कश्यप का शव रायपुर पहुंचा

रायपुर। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सब एरिया की ओर से बस्तर के वीर सपूत राइफलमैन (स्वर्गीय) रणजीत सिंह कश्यप को उनकी सर्वोच्च शहादत के लिए पुष्पांजलि और श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह भव्य कार्यक्रम रायपुर हवाई अड्डे पर आयोजित किया गया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, सुरक्षा बल, सैनिक परिवार और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। वीर सैनिक रणजीत सिंह कश्यप ने 19 सितंबर 2025 को बिष्णुपुर जिले के नाम्बोल सबल लेइकेई में एक घात लगाए गए हमले के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी। वह इम्फाल घाटी में बाढ़ राहत अभियान से अपने सहकर्मियों के साथ लौट रहे थे, तभी उनके काफिले पर अज्ञात उग्रवादियों ने हमला किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, रणजीत सिंह ने अपने साहस और निस्वार्थ समर्पण की परंपरा का पालन करते हुए राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च बलिदान दिया।

घटनास्थल पर हुए हमले में 33 एआर वाहन पर हमला किया गया था। राइफलमैन कश्यप अपने सहकर्मियों के साथ चिकित्सा राहत शिविर से लौट रहे थे, ताकि नागरिकों की सहायता सुनिश्चित की जा सके। इस घातक हमले में उनके साथ अन्य कर्मियों ने भी अपनी जान की आहूति देने का जोखिम उठाया, लेकिन रणजीत सिंह का साहस और बलिदान सबसे अद्वितीय साबित हुआ। रायपुर हवाई अड्डे पर आयोजित समारोह में उनके वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए अधिकारियों और सहकर्मियों ने उन्हें फूलों की वर्षा और  भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। अधिकारियों ने कहा कि रणजीत सिंह ने जिस प्रकार अपने जीवन को मातृभूमि और नागरिकों की सेवा में समर्पित किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। सैनिकों के परिवारों के प्रति सभी उपस्थित लोगों ने गहरी संवेदना और सम्मान प्रकट किया। 

उनका कहना था कि रणजीत सिंह जैसे वीर सैनिकों की वीरता और कर्तव्यनिष्ठा हमारे राष्ट्र की रक्षा और समाज की सुरक्षा के लिए हमेशा स्मरणीय रहेगी। इस अवसर पर उपस्थित सैनिक अधिकारियों ने कहा कि रणजीत सिंह का बलिदान यह संदेश देता है कि देश और समाज की सेवा में साहस, निस्वार्थता और कर्तव्यनिष्ठा सर्वोच्च मूल्य हैं। उनके शौर्य और वीरता की कहानियाँ आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाती रहेंगी। राइफलमैन रणजीत सिंह कश्यप की वीरता ने न केवल इम्फाल घाटी में तैनात सुरक्षा बलों की कार्यशैली को प्रेरित किया, बल्कि पूरे देश में उनके बलिदान की सराहना हुई। उनके साहस और समर्पण ने यह प्रमाणित किया कि हमारे सैनिक किसी भी चुनौती के सामने अडिग और निडर रहते हैं। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सब एरिया ने उनके परिवार और सहकर्मियों को इस वीर शहीद की अमर स्मृति के रूप में भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। अधिकारियों और नागरिकों ने कहा कि रणजीत सिंह कश्यप का नाम हमेशा वीरता और देशभक्ति का प्रतीक बना रहेगा।