रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली है। सोमवार दोपहर को रायगढ़ और दंतेवाड़ा में अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। वहीं रायपुर में तड़के गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ीं। हालांकि कुछ देर बाद धूप निकलने से मौसम साफ हो गया, लेकिन उमस बढ़ गई। मौसम विभाग का कहना है कि यह दौर अगले दो दिनों तक जारी रह सकता है, जिसके बाद राज्य में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बलरामपुर, सरगुजा, रायगढ़, बलौदा बाजार, नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा सहित 16 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजनांदगांव में सबसे ज्यादा 60 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बस्तर, कांकेर, कोरबा और रायगढ़ में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। राजधानी रायपुर में रविवार को दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन बारिश न होने से उमस भरा मौसम लोगों को परेशान करता रहा। सोमवार तड़के हुई बारिश से कुछ राहत मिली, लेकिन बाद में तेज धूप निकलने से पारा फिर चढ़ गया।
बारिश में ब्रेक लगने से राज्य के कई हिस्सों में गर्मी और उमस बढ़ गई है। तीन दिनों से विशेष बारिश न होने से अधिकतर जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 48 घंटे बाद मानसूनी सक्रियता फिर तेज होगी और प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
राज्य में इस वर्ष अब तक औसतन 1067.8 मिमी बारिश हो चुकी है। बलरामपुर जिला सबसे आगे है, जहां अब तक 1472.9 मिमी पानी गिर चुका है, जो सामान्य से 55 प्रतिशत ज्यादा है। दूसरी ओर बेमेतरा सबसे सूखा जिला बना हुआ है, जहां सिर्फ 495.1 मिमी वर्षा दर्ज हुई है, जो सामान्य से 51 प्रतिशत कम है। वहीं बस्तर, राजनांदगांव और रायगढ़ में वर्षा सामान्य के आसपास रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में बारिश का असर बढ़ने से तापमान में गिरावट आएगी और उमस से राहत मिलेगी। फिलहाल विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, खासकर बिजली गिरने के अलर्ट वाले जिलों में।
