रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ती बिजली दरों, स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता, बिजली कटौती और विद्युत व्यवस्था की अव्यवस्थाओं के विरोध में गुरुवार को शिवसेना की रायपुर जिला इकाई ने बिजली विभाग कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जनहित से जुड़ी मांगों को रखा।
शिवसेना प्रदेश प्रमुख धनंजय सिंह परिहार के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रदर्शन में नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1 जुलाई 2026 से लागू की जा रही नई बिजली दरों से आम जनता, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। संगठन ने बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लेने और उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की।
संगठन ने स्मार्ट मीटर योजना का भी विरोध किया। शिवसेना नेताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने से उपभोक्ताओं के बीच भ्रम और असंतोष की स्थिति बन रही है। उन्होंने प्रदेशभर में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को हटाकर पारंपरिक मीटर व्यवस्था जारी रखने की मांग उठाई।
इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने लगातार हो रही बिजली कटौती, जर्जर विद्युत तारों और खराब विद्युत व्यवस्था में सुधार की मांग भी की। घेराव के बाद शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल ने बिजली विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि जनता की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संगठन प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन करेगा।
प्रदर्शन में प्रदेश महासचिव रेशम जांगड़े, प्रदेश समन्वयक कृष्ण यादव, प्रदेश प्रवक्ता संतोष शुक्ला, प्रदेश सचिव सूरज साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष बल्लू जांगड़े, प्रदेश महासचिव संतोष मार्कंडेय, प्रदेश महासचिव संजय नाग, युवा सेना प्रदेश अध्यक्ष सन्नी देशमुख, राकेश शर्मा, संजू साहू, अमर नायक, सनंत रात्रे, विक्की निर्मलकर, राहुल, विजय नाग, महावीर यादव सहित बड़ी संख्या में शिवसैनिक मौजूद रहे।
