सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता समूह के पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट से 19 श्रमिकों की दर्दनाक मौत के बाद भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने गहरा दुख और कड़ा विरोध जताया है। संगठन ने इस हादसे को महज दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम बताया है।
BMS ने मांग की है कि मृतक श्रमिकों के परिजनों को कंपनी द्वारा घोषित मुआवजा अपर्याप्त है, इसलिए प्रत्येक परिवार को कम से कम 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही, घायलों के इलाज का पूरा खर्च कंपनी उठाए और उन्हें उचित बीमा लाभ भी प्रदान किया जाए।
संगठन ने यह भी मांग रखी है कि मृतकों के परिवार के एक सदस्य को उनकी योग्यता के अनुसार कंपनी में स्थायी नौकरी देने की लिखित गारंटी दी जाए।
हादसे की निष्पक्ष जांच को लेकर BMS ने मजिस्ट्रेट जांच के साथ-साथ फैक्ट्री और बॉयलर विभाग के विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जांच कराने की मांग की है। संगठन ने सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है।
इसके अलावा, BMS ने राज्य के सभी निजी औद्योगिक संयंत्रों में तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराने और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के लाइसेंस रद्द करने की बात कही है। संगठन ने बताया कि मृतकों में अधिकांश प्रवासी और ठेका श्रमिक थे, जिनकी सुरक्षा के प्रति कंपनी का रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना रहा है।
भारतीय मजदूर संघ ने स्पष्ट किया है कि वह श्रमिकों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए चरणबद्ध आंदोलन करेगा। साथ ही, दिवंगत श्रमिकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
