रायपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की श्रीराम प्रभात शाखा दीनदयाल बस्ती की ओर से रविवार, 25 अक्टूबर को डीडी नगर स्थित दुर्गा गार्डन में विजयादशमी उत्सव, शस्त्र पूजन एवं पथ संचलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संघ के प्रांत प्रचारक अभयराम कुंभकार ने कहा कि अच्छे आचरण और व्यवहार वाले नागरिक तैयार करना संघ का उद्देश्य है। उन्होंने राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए समाज को जागृत और नागरिकों को सामर्थ्यवान बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अभयराम कुंभकार ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छह प्रमुख उत्सव अलग-अलग गुणों और मूल्यों को दर्शाते हैं। इनमें तीन उत्सव विजय, दो सामाजिक समरसता और एक गुरु पूर्णिमा समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1925 में विजयादशमी के दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने संघ की स्थापना की थी।
उन्होंने कहा कि संगठन से ही शक्ति बढ़ती है और शक्तिहीन राष्ट्र सामर्थ्यहीन होता है। राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचाने के लिए समाज का जागृत होना और नागरिकों का त्यागशील बनना आवश्यक है। देश के विकास के लिए परिवार को संस्कारवान और सामर्थ्यवान बनाने की जरूरत है, क्योंकि परिवार भारतीय समाज की पहली इकाई है।


पंच परिवर्तन पर दिया जोर
प्रांत प्रचारक ने अपने संबोधन में पंच परिवर्तन के तहत कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य और स्वदेशी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए नागरिकों में अच्छे संस्कार, आचरण और व्यवहार का होना जरूरी है।
भारतीय संस्कृति और परंपराओं का किया उल्लेख
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने सौ वर्ष पूरे कर रहा है। शस्त्र और शास्त्र पूजन भारतीय संस्कृति की परंपरा है। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और उनमें राष्ट्र के प्रति दायित्वबोध विकसित करने में संघ के योगदान का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराएं आज के परिवेश में समाज को जोड़ने का कार्य करती हैं। देश केवल सीमाओं के विस्तार से नहीं, बल्कि वहां के नागरिकों की संस्कृति और संस्कारों से बनता है।
कार्यक्रम में प्रांत संघचालक प्रोफेसर टोपलाल वर्मा और नगर सह-संघचालक विधान श्रीवास्तव उपस्थित रहे। श्रीराम प्रभात शाखा एवं दीनदयाल बस्ती शाखा के स्वयंसेवकों ने उत्सव में सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन प्रमोद कुमार गुप्ता ने किया।
