विशाखापट्टणम। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से प्रेरित विभिन्न संगठनों की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक शुक्रवार को विशाखापट्टणम के समीप गुडिलोवा स्थित विज्ञान विहार आवासीय विद्यालय परिसर में संपन्न हुई। बैठक में राष्ट्र, समाज और भविष्य की चुनौतियों के साथ विभिन्न सामाजिक विषयों पर व्यापक चर्चा की गई।
बैठक में देशभर के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत संघ प्रेरित संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। कुल 326 प्रतिनिधियों को बैठक के लिए आमंत्रित किया गया था, जिनमें 49 महिला प्रतिनिधि भी शामिल रहीं। RSS के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की विशेष उपस्थिति रही।
आपदा राहत और सामाजिक समरसता पर चर्चा
बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में RSS के सह सरकार्यवाह मुकुंदा सी. आर. ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान समाज आधारित सेवा एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की गई। असम में आई बाढ़ के दौरान राष्ट्रीय सेवा भारती, भारतीय किसान संघ, नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (NMO), आरोग्य भारती सहित विभिन्न संगठनों द्वारा किए गए राहत कार्यों की जानकारी साझा की गई।
संत रविदास जी की 650वीं जयंती के संदर्भ में सामाजिक समरसता और सौहार्द के लिए देशभर में आयोजित कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।
जनसांख्यिकीय बदलाव और नशामुक्ति पर चिंता
बैठक में देश में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव और उसके सामाजिक प्रभावों पर गंभीर चर्चा हुई। विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों में जनसंख्या के अनुपात में हो रहे परिवर्तनों के बीच सामाजिक संतुलन और सौहार्द बनाए रखने के उपायों पर विचार किया गया।
युवाओं और विद्यार्थियों तक मादक पदार्थों की बढ़ती पहुंच को लेकर भी चिंता जताई गई। नशे की समस्या के समाधान के लिए सरकार और पुलिस के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों की संयुक्त भागीदारी पर जोर दिया गया।
युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर
युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं, चिंताओं, रचनात्मक क्षमता और राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बताया गया कि इस वर्ष संघ के 21 दिवसीय प्रशिक्षण वर्गों में करीब 21 हजार युवा स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। दैनिक शाखाओं में शामिल स्वयंसेवकों में 60 प्रतिशत से अधिक युवा हैं।
बैठक में युवाओं के साथ केवल उपदेशात्मक संवाद के बजाय उनके साथ प्रत्यक्ष जुड़ाव और उनकी भावनाओं एवं चिंताओं को समझने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
आत्मनिर्भर और पर्यावरण हितैषी विकास पर मंथन
बैठक में भारतीय दृष्टिकोण पर आधारित ऐसे विकास मॉडल पर चर्चा हुई, जो आत्मनिर्भर, पर्यावरण हितैषी और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाला हो। लघु उद्योग भारती द्वारा संचालित कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से इस वर्ष 41 हजार से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी भी साझा की गई।
संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में ‘पंच परिवर्तन’ के विभिन्न आयामों पर भी विशेष चर्चा हुई। परिवार व्यवस्था, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय जीवन मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में व्यवहारिक प्रयासों पर जोर दिया गया।
AI के प्रभाव पर भी चर्चा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव को लेकर बैठक में विस्तृत प्रस्तुति दी गई। AI की संभावनाओं के साथ उससे जुड़ी चुनौतियों और सावधानियों पर भी विचार किया गया। तकनीक का उपयोग समाजहित में करने तथा इसके संभावित दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
32 संगठनों के कार्य विस्तार की योजना
संघ प्रेरित 32 संगठनों द्वारा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी वर्ष की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। संगठनात्मक कार्यों के विस्तार और अधिक से अधिक लोगों तक समाज केंद्रित चिंतन पहुंचाने पर जोर दिया गया।
भ्रष्टाचार और व्यवस्था की कमियों पर संघ का रुख
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुकुंदा सी. आर. ने कहा कि व्यवस्था में मौजूद कमियों को केवल भ्रष्टाचार तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। सरकार के साथ समाज की जागरूकता भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि NEET जैसे विषयों सहित अन्य व्यवस्थागत समस्याओं के कारण युवाओं में भविष्य को लेकर चिंता पैदा होती है। केवल विरोध या व्यवधान से समाधान नहीं होगा, बल्कि सरकार और समाज को मिलकर सकारात्मक एवं रचनात्मक तरीके से व्यवस्था में सुधार करना होगा।
भागवत की विदेश यात्रा का उद्देश्य बताया
डॉ. मोहन भागवत की प्रस्तावित अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन यात्रा को लेकर बताया गया कि यह संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर व्यापक वैश्विक संपर्क का हिस्सा है। यात्रा के दौरान भारत, हिंदू समाज और RSS को लेकर व्याप्त भ्रांतियों के बीच सकारात्मक एवं तथ्यपरक दृष्टिकोण रखने, ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के संदेश को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने और विदेशों में रहने वाले हिंदुओं एवं भारतीय मूल के लोगों के मुद्दों पर संवाद बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र और प्रदीप जोशी, दक्षिण मध्य क्षेत्र प्रचार प्रमुख आयुष, आंध्र प्रदेश प्रांत प्रचार प्रमुख बय्या वासु तथा सह प्रचार प्रमुख वासुदेव राव सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
तीन दिवसीय बैठक में राष्ट्र के प्रति समर्पण, सामाजिक चुनौतियों के समाधान और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के लिए विभिन्न संगठनों के बीच समन्वय और आगामी कार्ययोजना पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
