रायपुर। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) की सचिव देवश्री मुखर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत संचालित रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम देश और प्रदेश के युवाओं को सशक्त बनाने तथा रोजगार आधारित भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिणाम-आधारित प्रशिक्षण और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास के माध्यम से योजना ने देश के स्किलिंग इकोसिस्टम को नई दिशा दी है।

यह बात उन्होंने रायपुर के भनपुरी औद्योगिक क्षेत्र स्थित केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट) के भ्रमण और कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान कही। इस अवसर पर निरंजन कुमार सुधांशु, अतिरिक्त सचिव, MSDE, डॉ. बसवराजू एस, सचिव, कौशल प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा विजय दयाराम के., संचालक, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार संचालनालय भी उपस्थित थे।

आधुनिक तकनीकों और प्रशिक्षण सुविधाओं का किया अवलोकन
भ्रमण के दौरान अतिथियों ने सिपेट के टेस्टिंग, टूलरूम और प्रोसेसिंग विभागों का निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध अत्याधुनिक मशीनों और तकनीकी संसाधनों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। इसके बाद संस्थान के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में डॉ. आलोक साहू, प्रधान निदेशक एवं प्रमुख, सिपेट रायपुर ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से संस्थान की गतिविधियों, उपलब्धियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी।
उद्योग आधारित और परिणाम-केंद्रित प्रशिक्षण पर जोर
देवश्री मुखर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना ने पारंपरिक नामांकन-आधारित मॉडल से आगे बढ़कर उद्योग-संबद्ध और परिणाम-आधारित प्रशिक्षण प्रणाली को अपनाया है। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) द्वारा संचालित यह योजना स्कूल और कॉलेज छोड़ चुके युवाओं, बेरोजगारों तथा शिक्षा से दूर हुए युवाओं को निःशुल्क उच्च गुणवत्ता वाला अल्पकालिक प्रशिक्षण और प्रमाणन उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने कहा कि PMKVY उद्योगों की मांग और युवाओं के कौशल के बीच की दूरी को कम करते हुए मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और पीएम-विश्वकर्मा जैसी राष्ट्रीय पहलों को मजबूती प्रदान कर रही है। इससे युवाओं में आत्मनिर्भरता और वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा मिल रहा है, जो विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रशिक्षित युवाओं को मिले रोजगार के अवसर
कार्यक्रम के समापन अवसर पर देवश्री मुखर्जी ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को नियोजन प्रस्ताव पत्र (ऑफर लेटर) वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
अंत में नितेश कुमार जैन, प्रशासनिक अधिकारी, सिपेट रायपुर ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में कौशल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा सिपेट रायपुर के अधिकारी-कर्मचारियों और बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं ने सहभागिता की।
