रायपुर। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी बयानबाजी तेज है. भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे पर हमलावर हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने आजादी के पहले वंदे मातरम नहीं गाया. वहीं विधायक अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कांग्रेस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए और भूपेश बघेल को बहस के लिए खुली चुनौती दे दी.
भूपेश बघेल ने भाजपा पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आजादी से पहले वंदे मातरम् गाने पर लोगों को गोली मार दी जाती थी. उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में भाजपा के लोग अंग्रेजों के लिए मुखबिरी करते थे और उनके तलवे चाटते थे. बघेल ने भाजपा से सवाल किया कि आजादी से पहले भाजपा के किसी नेता ने वंदे मातरम् गाया था या आंदोलन में हिस्सा लिया था क्या? भाजपा या आरएसएस के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ कब गाया गया?
बघेल ने कहा कि कांग्रेस के हर अधिवेशन में वंदे मातरम् गाया जाता रहा है. कांग्रेस ने ही इस गीत को राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार किया था. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के लिए कांग्रेसियों ने लाठियां और गोलियां खाई हैं
1940 में कांग्रेस अधिवेशन में वंदे मातरम पर लगा था प्रतिबंध : MLA अजय चंद्राकर
भूपेश बघेल के बयान पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल को जानकारी ही नहीं है कि कांग्रेस का वंदे मातरम् को लेकर क्या दृष्टिकोण रहा है. चंद्राकर ने सवाल किया कि कांग्रेस के अधिवेशनों में क्या पूरा वंदे मातरम् गाया गया है? उन्होंने कहा कि वर्ष 1940 में कांग्रेस के अधिवेशन में वंदे मातरम् गाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था.
पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधते हुए चंद्राकर ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस ने वंदे मातरम् को स्वतंत्रता का मंत्र बताते हुए कहा था कि इसे गाया जाना चाहिए, लेकिन तत्कालीन पीएम नेहरू ने इसे स्वीकार नहीं किया.
कांग्रेस को खुली बहस की चुनौती
अजय चंद्राकर ने कांग्रेस की वंदे मातरम् को लेकर भूमिका पर खुली बहस की चुनौती दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनहित के मुद्दों से कटकर अप्रासंगिक हो गई है. उन्होंने भूपेश बघेल की टिप्पणी को मानसिक विचलन करार देते हुए कहा कि पूरी कांग्रेस का यही हाल है. कांग्रेस के पास अब कोई मुद्दा नहीं है.
