रायपुर।राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के वार्षिक कैलेंडर के अनुसार वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर, शनिवार को किया जाएगा। देशभर के साथ रायपुर जिला न्यायालय और तालुका न्यायालय गरियाबंद, देवभोग, तिल्दा, राजिम व आरंग में भी लोक अदालत आयोजित होगी।
लोक अदालत में राजीनामा योग्य लंबित मामलों का आपसी सहमति और समझौते के आधार पर निराकरण किया जाएगा। इनमें चेक बाउंस, भाड़ा नियंत्रण, आबकारी, सिविल, यातायात, परिवार न्यायालय, विद्युत, दूरसंचार, नगर निगम, जलकर, भूमिकर, श्रम कानून और राजीनामा योग्य आपराधिक मामलों सहित अन्य प्रकरण शामिल हैं।
नेशनल लोक अदालत की तैयारियों को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष बलराम प्रसाद वर्मा ने न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने अधिक से अधिक मामलों को चिन्हांकित कर प्रीसिटिंग के माध्यम से समझौते के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य आम लोगों को सरल, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। इसके लिए संबंधित विभागों को हाट-बाजार, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मुनादी के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
पिछली लोक अदालत की तरह इस बार भी मोबाइल वैन के माध्यम से लोगों तक लोक अदालत की सुविधा पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। पक्षकारों और अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क भी गठित किया जाएगा। लोग जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पहुंचकर हेल्प डेस्क के जरिए लोक अदालत से संबंधित जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
इसके अलावा ऐसे मामलों को भी चिन्हांकित किया जाएगा, जिनका समाधान मध्यस्थता (मिडिएशन) के जरिए संभव है। पक्षकार इन मामलों को मध्यस्थता के लिए भेजकर आपसी सहमति से आसानी से विवाद का समाधान करा सकेंगे।
