रायपुर। नवा रायपुर के नकटी गांव में 80 मकानों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। विस्थापित और प्रभावित परिवारों का विरोध बुधवार को देर रात तक जारी है। रात 8 बजे के बाद भी बड़ी संख्या में प्रभावित ग्रामीण और कांग्रेस नेता कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर के बाहर मौजूद है और पुनर्वास व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा जिन ईडब्ल्यूएस (EWS) मकानों में पुनर्वास की व्यवस्था की गई है, वे अत्यंत छोटे हैं और उनमें बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों ने मांग की कि उन्हें उनके पुराने घरों की तरह ही स्थायी आवास उपलब्ध कराए जाएं, न कि फ्लैट।
दिए गए फ्लैट में मूलभूत सुविधाओं का अभाव
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें जो फ्लैट दिए गए हैं, वहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उनका कहना है कि उन आवासों में बिजली और पानी जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, कई फ्लैट जर्जर स्थिति में हैं और रहने योग्य नहीं हैं।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि एक परिवार में कई सदस्य होने के बावजूद केवल एक कमरा दिया गया है, जो परिवार के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे आवास में पशुओं जैसे गाय-भैंस को कैसे रखा जाएगा, जबकि उनकी आजीविका भी इन्हीं पर निर्भर है।
प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि “विधायक अनुज शर्मा को अपने परिवार—माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ इन फ्लैटों में रहकर दिखाना चाहिए।” साथ ही कुछ ग्रामीणों ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “जो लोग फिल्म में हीरो हैं, वे हमारे लिए विलन बन गए हैं।”
कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात
धरना प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, हालांकि इसके बावजूद प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं।
