रायपुर। छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों के MBBS इंटर्न डॉक्टर मंगलवार से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इंटर्न डॉक्टरों ने वर्तमान में मिलने वाले 15,900 रुपये मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है। इसी क्रम में पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय और डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा), रायपुर के इंटर्न डॉक्टरों ने शांतिपूर्ण बाइक रैली भी निकाली।
बाइक रैली मेकाहारा अस्पताल से शुरू होकर देवेंद्र नगर चौक और शास्त्री चौक तक पहुंची तथा वहां से यू-टर्न लेकर वापस अस्पताल परिसर में समाप्त हुई। रैली में करीब 100 से 120 इंटर्न डॉक्टर और 50 से 60 बाइक एवं स्कूटी शामिल रहीं।


जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के अनुसार, पिछले छह महीने से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर लगातार शासन को पत्र लिखे गए और स्वास्थ्य मंत्री से कई बार मुलाकात भी की गई, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसी वजह से इंटर्न डॉक्टरों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में उन्हें देश के कई राज्यों की तुलना में काफी कम स्टाइपेंड मिलता है। उनका दावा है कि पश्चिम बंगाल में करीब 43 हजार रुपये, ओडिशा में 42 हजार रुपये, बिहार में 27 हजार रुपये और अन्य कई राज्यों में 30 से 45 हजार रुपये तक स्टाइपेंड दिया जा रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में भी स्टाइपेंड बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाना चाहिए।
डॉक्टरों का कहना है कि इंटर्न अस्पतालों में 24-24 घंटे की इमरजेंसी ड्यूटी करते हैं और कई बार लगातार ड्यूटी के बाद भी ओपीडी में सेवाएं देते हैं। इसके अलावा वे ICU, CCU, PICU, SICU, इमरजेंसी और वार्डों में गंभीर मरीजों की देखभाल में अहम भूमिका निभाते हैं।
JDA ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है। संगठन ने राज्य सरकार से इंटर्न डॉक्टरों के कार्यभार और जिम्मेदारियों को देखते हुए उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
