रायपुर। छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस इंटर्न, पीजी रेजिडेंट और बॉन्डेड डॉक्टरों के स्टाइपेंड (मानदेय) में वृद्धि की मांग को लेकर आईएमए एमएसएन (IMA MSN) की पहल रंग लाती नजर आ रही है। लंबे समय से लंबित इस मांग को लेकर संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया से मुलाकात कर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया।
आईएमए एमएसएन छत्तीसगढ़ के कन्वेनर शाहदिल खुसरू के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में आईएमए छत्तीसगढ़ के जॉइंट सेक्रेटरी देवेंद्र निराला के अलावा पीयूष सिंह, रविशंकर सिंह, पीयूष साहू, प्रांजल शुक्ला और शुभ शर्मा शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य सचिव के समक्ष स्टाइपेंड वृद्धि से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदु रखते हुए बताया कि लंबे समय से मानदेय में बढ़ोतरी नहीं होने के कारण चिकित्सा छात्रों और डॉक्टरों को बढ़ती महंगाई के बीच आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शाहदिल खुसरू ने बताया कि संगठन इस मांग को लेकर लगातार प्रयासरत है। इससे पहले राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों के डीन को ज्ञापन सौंपा गया था और स्वास्थ्य मंत्री से भी इस संबंध में मुलाकात कर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग की गई थी।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि एमबीबीएस इंटर्न के स्टाइपेंड में वृद्धि संबंधी फाइल स्वास्थ्य विभाग से आगे बढ़ चुकी है और जल्द ही इसे अंतिम स्वीकृति मिलने की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि पीजी और बॉन्डेड डॉक्टरों के स्टाइपेंड वृद्धि की फाइल भी शीघ्र प्रक्रिया में लाई जाएगी, ताकि सभी श्रेणियों के डॉक्टरों के लिए एक साथ संशोधित मानदेय का आदेश जारी किया जा सके।
स्वास्थ्य सचिव के इस आश्वासन के बाद प्रदेश के चिकित्सा छात्रों और डॉक्टरों में स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।
