भिलाई। स्वर्गीय आशा इकबाल की पुण्यतिथि के अवसर पर शनिवार को सुपेला स्थित कॉफी हाउस में 13वां ‘आशा इकबाल स्मृति महिला पत्रकार सम्मान समारोह’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली चार महिला पत्रकारों को सम्मानित किया गया। समारोह में पद्मश्री डॉ. राधेश्याम बारले मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार एवं दैनिक नवप्रदेश के समूह संपादक यशवंत धोटे ने की। विशेष अतिथियों के रूप में छत्तीसगढ़ी अभिनेत्री ऊषा विश्वकर्मा, साहित्यकार डॉ. सुधीर शर्मा, समाजसेवी गुरमीत धनई और वरिष्ठ पत्रकार सहदेव देशमुख मौजूद रहे।
आयोजक एवं वरिष्ठ पत्रकार आसिफ इकबाल ने स्वागत उद्बोधन में समारोह की 13 वर्षों की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से अब तक छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों की करीब 33 महिला पत्रकारों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है।
चार महिला पत्रकारों का सम्मान
इस वर्ष सम्मानित होने वाली पत्रकारों में दैनिक नवभारत, रायपुर की फीचर एडिटर आफताब बेगम, दुर्ग की वरिष्ठ वीडियो जर्नलिस्ट एवं ‘दैनिक आज की जनधारा’ की ब्यूरो प्रमुख विजयलक्ष्मी चौहान, दैनिक छत्तीसगढ़ की वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी मनीषा निषाद और दैनिक नवप्रदेश की सह-संपादक शाहिन कुरैशी शामिल रहीं।
अतिथियों ने सभी सम्मानित पत्रकारों को चांदी का सिक्का, शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। सम्मानित पत्रकारों ने आयोजन समिति और उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार जताया।
महिला पत्रकारों की बढ़ती संख्या सकारात्मक संकेत
मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. राधेश्याम बारले ने स्वर्गीय आशा इकबाल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि महिला पत्रकारों को सम्मानित करने की यह पहल एक प्रेरणादायी परंपरा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि एक समय रायपुर जैसे बड़े शहरों में भी महिला पत्रकारों की संख्या बहुत कम थी, लेकिन आज भिलाई और दुर्ग जैसे शहरों में भी बड़ी संख्या में महिलाएं पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। यह बदलते दौर का सकारात्मक और सुखद संकेत है।
साहित्यकार डॉ. सुधीर शर्मा ने कहा कि महिलाएं सामाजिक और व्यावहारिक चुनौतियों के बावजूद मीडिया जगत में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। उन्होंने स्वर्गीय आशा इकबाल और इकबाल परिवार के साथ अपने चार दशक पुराने संबंधों को भी याद किया।
अध्यक्षीय संबोधन में वरिष्ठ पत्रकार यशवंत धोटे ने सम्मान की इस निरंतर परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि निष्ठा और समर्पण के साथ पत्रकारिता करने वाली महिला पत्रकार वास्तव में ऐसे सम्मान की हकदार हैं। समाजसेवी गुरमीत धनई ने सम्मानित पत्रकारों से भविष्य में भी समाजहित में योगदान जारी रखने की अपेक्षा जताई। अभिनेत्री ऊषा विश्वकर्मा ने मीडिया में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को समाज के लिए सशक्त और शुभ संकेत बताया।
कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ पत्रकार सहदेव देशमुख ने अतिथियों, पत्रकारों और आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शाहीन खान ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव, लखन वर्मा, के. वेणुगोपाल, राजेंद्र शुक्ला, मुहम्मद जाकिर हुसैन, फैजान खान, दैनिक लोककिरण के पत्रकार शेख आबिद, वरिष्ठ एथलीट ताजुद्दीन सहित बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। दोपहर भोज के साथ समारोह का समापन हुआ।
