Special Story

IAS निरंजन दास ने सरकारी खजाने में हेराफेरी की, नहीं दे सकते जमानत : हाईकोर्ट

IAS निरंजन दास ने सरकारी खजाने में हेराफेरी की, नहीं दे सकते जमानत : हाईकोर्ट

Shiv Mar 11, 2026 2 min read

बिलासपुर। प्रदेश के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के…

पर्यटन विभाग के बजट में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 55 प्रतिशत की वृद्धि, तीन नई योजनाओं हेतु कुल 110 करोड़ रूपए का प्रावधान

पर्यटन विभाग के बजट में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 55 प्रतिशत की वृद्धि, तीन नई योजनाओं हेतु कुल 110 करोड़ रूपए का प्रावधान

Shiv Mar 11, 2026 8 min read

रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा में पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व तथा धार्मिक न्यास…

March 11, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

प्राचार्य पदोन्नति विवाद पर हाईकोर्ट सख्त: 16 जून से पहले फैसला, कल भी जारी रहेगी सुनवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्राचार्य पदोन्नति विवाद से जुड़े बहुप्रतीक्षित मामले की सुनवाई आज छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की डबल बेंच में हुई। न्यायमूर्ति  रजनी दुबे और न्यायमूर्ति अमितेंद्र कुमार प्रसाद की खंडपीठ ने मामले को 16 जून को स्कूल खुलने से पहले निराकरण करने की मंशा जताई और सभी पक्षों को समयबद्ध रूप से प्रस्तुति देने के निर्देश दिए।

आज की सुनवाई में याचिकाकर्ता पक्ष के अधिवक्ताओं ने विस्तृत बहस की, जिस पर कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि बहस को संक्षिप्त किया जाए और मांगों को स्पष्ट रूप से चार्ट के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए। इसके साथ ही अदालत ने सुनवाई 12 जून को जारी रखने का आदेश दिया है।

इस महत्वपूर्ण सुनवाई में शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता  यशवंत ठाकुर उपस्थित रहे। वहीं, प्राचार्य पदोन्नति फोरम की ओर से इंटरवेनर अधिवक्ता  आलोक बख्शी,  अनूप मजूमदार, अमरीतों दास,  एन. नहा राय और विनोद कुमार देशमुख ने पक्ष रखा।

प्राचार्य पदोन्नति फोरम के प्रमुख प्रतिनिधि रमाकांत झा, मलखम वर्मा, रुद्र कुमार वर्मा,  ज्ञानेश वर्मा, डॉ. भागवली जोशी, श्री आर.के. बंजारे और आर.के. कांत भी अदालत में उपस्थित रहे।

फोरम के प्रदेश संयोजक अनिल शुक्ला ने बताया कि फोरम की ओर से पूरा जोर इस बात पर है कि योग्य शिक्षकों को शीघ्र पदोन्नति मिल सके और न्यायालय के समक्ष स्पष्ट तथ्यों के साथ पक्ष रखा जा रहा है।