रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ तबला वादक एवं आकाशवाणी मान्यता प्राप्त कलाकार पंडित अवध सिंह ठाकुर ने गुरुवार को रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकारवार्ता में “शास्त्रीय संगीत की वर्तमान चुनौतियां और समाधान” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि शास्त्रीय संगीत के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार तथा समाज दोनों को मिलकर ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि शास्त्रीय संगीत में डिग्री हासिल करने वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बेहद सीमित हैं। केंद्रीय विद्यालयों को छोड़कर उच्च शिक्षा संस्थानों में संगीत विषय के पर्याप्त पद नहीं होने से प्रशिक्षित युवाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शासन से स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में संगीत विषय के नए पद सृजित करने की मांग की।
पंडित अवध सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रसार भारती और आकाशवाणी से मान्यता प्राप्त कलाकारों को भी नियमित रूप से कार्यक्रम नहीं मिल पाते। उन्होंने कहा कि लोककला का संरक्षण सराहनीय है, लेकिन इसके साथ-साथ शास्त्रीय संगीत के संरक्षण और प्रोत्साहन पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते मानसिक तनाव, अवसाद और कुंठा जैसी समस्याओं का उल्लेख करते हुए संगीत चिकित्सा केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि संगीत मानसिक स्वास्थ्य सुधारने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार खेल और योग को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं संचालित की जा रही हैं, उसी तरह शास्त्रीय संगीत की परंपरा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में भी शासन के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए।
