जबलपुर। नगर निगम ने कर्मचारियों के हितों से खिलवाड़ करने और कार्य में लापरवाही बरतने वाली आउटसोर्स कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। निगम प्रशासन ने समय पर वेतन न देने और घाटों की सफाई में लापरवाही बरतने के मामले में दो अलग-अलग निजी एजेंसियों पर भारी आर्थिक दंड (जुर्माना) लगाया है।
राज सिक्योरिटी एजेंसी पर ₹1 लाख का भारी जुर्माना
नगर निगम के तहत कार्यरत आउटसोर्स चालकों और मशीन ऑपरेटरों को समय पर वेतन न देना ‘राज सिक्योरिटी एजेंसी’ को भारी पड़ गया। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद निगम ने कंपनी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया है। आउटसोर्स कर्मचारियों ने समय पर वेतन का भुगतान न होने को लेकर नगर निगम से शिकायत की थी। जब कंपनी से इस देरी का कारण पूछा गया, तो एजेंसी ने ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ना चाहा।
जांच में खुली पोल: नगर निगम की जांच में एजेंसी की घोर लापरवाही सामने आई। जांच में पाया गया कि आउटसोर्स कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति तत्काल प्राप्त की जा सकती थी, लेकिन कंपनी जानबूझकर भुगतान में देरी कर रही थी।
गंदगी पर अल्ट्रा क्लीन कंपनी पर भी अर्थदंड
वेतन में देरी के अलावा, शहर की स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही को लेकर भी नगर निगम ने कड़ा एक्शन लिया है। सुप्रसिद्ध गौरीघाट के तटों पर सफाई व्यवस्था में भारी लापरवाही बरतने के चलते ‘अल्ट्रा क्लीन कंपनी’ पर भी अर्थदंड लगाया गया है। दरअसल, निगमायुक्त ने खुद गौरीघाट का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान घाटों पर गंदगी और सफाई व्यवस्था बदहाल पाई गई, जिसके बाद निगमायुक्त के निर्देश पर कंपनी के खिलाफ यह दंडात्मक कार्रवाई की गई।
