रायपुर। नवरात्रि के दौरान आयोजित होने वाले रास गरबा में ‘रेंट पर पार्टनर’ उपलब्ध कराने संबंधी सोशल मीडिया विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विज्ञापन को लेकर आपत्ति जताते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने सोशल मीडिया पर प्रसारित विवादित विज्ञापन को तत्काल हटाने और संबंधित आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि नवरात्रि आस्था और धार्मिक श्रद्धा का पर्व है। ऐसे आयोजन के संदर्भ में ‘रेंट पर पार्टनर’ जैसे विज्ञापन से धार्मिक भावनाएं आहत होने की शिकायत सामने आई है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कुछ इवेंट कंपनियां धार्मिक आयोजनों के नाम पर ऐसे प्रचार कर रही हैं, जिनसे सामाजिक और धार्मिक मर्यादाओं को लेकर आपत्तियां उठ रही हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह के विज्ञापनों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आयोजकों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल संगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने भी ऐसे विज्ञापनों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी विभिन्न आयोजनों और त्योहारों से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापन सामने आ चुके हैं।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में मोहम्मद सिद्दीक, सुरेश बाफना, आस मोहम्मद, शरद गुप्ता, देवेंद्र पवार, शंकर सेन, राजेश त्रिवेदी, प्रतीक तिवारी, सैफुल्लाह, जी. करणराज सहित कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
