बिलासपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बीमा कंपनी HDFC Life को मृतिका के परिजनों को बीमा क्लेम की राशि भुगतान करने का निर्देश दिया है। आयोग ने कंपनी द्वारा मृत्यु दावा खारिज किए जाने को सेवा में कमी माना और मृतिका के परिवार के पक्ष में फैसला सुनाया।
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी ने बीमारी का हवाला देते हुए मृत्यु दावा (डेथ क्लेम) अस्वीकार कर दिया था। इससे मृतिका के परिजनों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
9.60 लाख रुपये भुगतान का आदेश
उपभोक्ता आयोग ने HDFC Life को मृतिका के परिवार को 9 लाख 60 हजार रुपये की बीमा राशि अदा करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा आयोग ने कंपनी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना और 5 हजार रुपये वाद व्यय (मुकदमा खर्च) भी लगाया है।
45 दिनों में करना होगा भुगतान
आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि कंपनी को निर्धारित अवधि के भीतर पूरी राशि का भुगतान करना होगा। आदेश के अनुसार HDFC Life को 45 दिनों के अंदर बीमा राशि, जुर्माना और वाद व्यय सहित पूरी रकम परिजनों को देना होगा।
सेवा में कमी मानी गई
सुनवाई के दौरान आयोग ने माना कि बीमा कंपनी ने दावा निरस्त करने में उचित सावधानी और निष्पक्षता नहीं बरती। इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन और सेवा में कमी की श्रेणी में माना गया।
परिवार को मिलेगा बीमा क्लेम का लाभ
फैसले के बाद मृतिका के परिजनों को राहत मिली है। लंबे समय से लंबित बीमा दावे पर आयोग के इस आदेश से परिवार को आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
उपभोक्ता आयोग के सदस्य आलोक पाण्डेय ने बताया कि उपलब्ध दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर यह निर्णय सुनाया गया है।
यह फैसला उन उपभोक्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो बीमा दावों के निराकरण को लेकर न्याय की उम्मीद में आयोग का दरवाजा खटखटाते हैं।
