रायपुर। देश में खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार होने के बावजूद चावल और दालों की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सरकार की प्रशासनिक अक्षमता और बाजार पर नियंत्रण की कमी के चलते आम जनता महंगाई की मार झेल रही है।
कन्हैया अग्रवाल ने दावा किया कि पिछले 15 दिनों में खुदरा बाजार में चावल की कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, जबकि दालों के दाम भी तेजी से बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और देश-प्रदेश के गोदामों में बड़ी मात्रा में धान और चावल का स्टॉक मौजूद है। इसके बावजूद बाजार में कीमतों का बढ़ना सरकार की नीतियों और बाजार नियंत्रण की विफलता को दर्शाता है।
उन्होंने ‘भारत ब्रांड’ चावल, दाल, आटा और प्याज की रियायती बिक्री बंद होने का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि NAFED और NCCF के आउटलेट्स पर इन उत्पादों की बिक्री ठप होने से आम उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को बफर स्टॉक बाजार में उतारने के बजाय जमाखोरों और बड़े कारोबारियों को फायदा पहुंचाने वाली व्यवस्था पर रोक लगानी चाहिए।
कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि एक ओर प्रशासनिक लापरवाही और कस्टम मिलिंग की धीमी प्रक्रिया के कारण धान-चावल के खराब होने की खबरें सामने आती हैं, वहीं दूसरी ओर आम लोगों को महंगे दामों पर खाद्यान्न खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने बाजार में जमाखोरी और सट्टेबाजी पर भी सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
कांग्रेस नेता ने केंद्र और राज्य सरकार से बफर स्टॉक से चावल-दाल खुले बाजार में उपलब्ध कराने, ‘भारत ब्रांड’ की रियायती बिक्री तत्काल शुरू करने और जमाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई का सीधा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की रसोई के बजट पर पड़ रहा है।
