Special Story

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के…

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा में अवैध रूप से…

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

राजनांदगांव। देश भर में 7 मार्च से घरेलू में 60 रुपए…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

रिश्वतखोर बाबू रंगेहाथ गिरफ्तार! GPF के बदले मांगे थे 50 हजार, एंटी करप्शन ब्यूरो ने दबोचा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा आयुक्त कार्यालय में कार्यरत एक भ्रष्ट बाबू चवाराम बंजारे को आज 50,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने एक रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन से जीपीएफ और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान के एवज में रिश्वत की मांग की थी।

प्रार्थी तुकाराम लहरे, जो स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त लैब टेक्नीशियन हैं, ने एंटी करप्शन ब्यूरो, रायपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि चवाराम बंजारे, बाबू (आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा कार्यालय, स्वास्थ्य भवन, नया रायपुर) उनसे 50,000 रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा है। प्रार्थी रिश्वत देना नहीं चाहता था, बल्कि आरोपी को रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था।

सुनियोजित ट्रैप में फंसा भ्रष्टाचारी

शिकायत के सत्यापन के बाद 16 जून को ट्रैप की योजना बनाई गई, और योजना के अनुसार जब प्रार्थी ने आरोपी को रिश्वत की राशि सौंपी, उसी समय एसीबी की टीम ने दबिश देकर आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। अब आरोपी के खिलाफ धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार

यह कार्रवाई नवा रायपुर के शासकीय कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश देती है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हक की रकम के एवज में रिश्वत की मांग करना न केवल अनैतिक, बल्कि आपराधिक कृत्य है, और इस पर ऐसी सख्त कार्रवाई स्वागत योग्य है।