रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव कन्हैया अग्रवाल के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री अरुण साव से मुलाकात कर रायपुर के निर्माणाधीन स्काईवॉक परियोजना में कथित तकनीकी और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की स्वतंत्र जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लगभग 7-8 वर्ष पुराने स्काईवॉक ढांचे पर बिना व्यापक तकनीकी परीक्षण के दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। उनका कहना है कि लंबे समय तक अधूरा पड़े रहने के कारण संरचना की गुणवत्ता और मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि जंग लगे सरियों, पाइपों और जर्जर कंक्रीट को सुधारने के बजाय उन्हें डेकोरेटिव शीट्स और टाइल्स लगाकर ढंकने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हाल ही में तेज हवा के दौरान कुछ डेकोरेटिव शीट्स गिरने की घटनाओं ने निर्माण गुणवत्ता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने निर्माण कार्य में निम्नस्तरीय सामग्री के उपयोग और अधिकारियों व ठेकेदारों के बीच कथित साठगांठ की आशंका भी जताई। कांग्रेस ने मांग की कि पूरे निर्माण कार्य की किसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि परियोजना की वास्तविक स्थिति सामने आ सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं ने लोक निर्माण विभाग और ब्रिज कॉर्पोरेशन में लंबे समय से रायपुर में पदस्थ अधिकारियों का स्थानांतरण करने की मांग भी उठाई।
उपमुख्यमंत्री एवं PWD मंत्री अरुण साव ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए मामले की जांच कर आवश्यक एवं उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। ज्ञापन सौंपने वालों में कन्हैया अग्रवाल, जागेश्वर राजपूत, मोहम्मद सिद्दीक, शरद गुप्ता, विजय बाफना सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
