भोपाल। मध्यप्रदेश में शुक्रवार से ‘मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान’ का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। इस अभियान के तहत प्रशासनिक अमला सीधे मैदान में उतरकर ग्रामीणों और आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करेगा। अभियान की शुरुआत के साथ ही राजधानी भोपाल में प्रशासनिक अधिकारियों की हलचल तेज हो गई है, तो दूसरी ओर इस मुद्दे पर सियासत भी गरमा गई है।
अफसरों का अमला बस से ग्राम अंबा चंदन रवाना
शुभारंभ के अवसर पर भोपाल संभागायुक्त भास्कर लक्षकार और कलेक्टर शिवम वर्मा सहित जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी एक साथ बस में सवार होकर कलेक्टर कार्यालय परिसर से ग्राम अंबा चंदन के लिए रवाना हुए। ग्राम अंबा चंदन में आयोजित जनकल्याण शिविर में अधिकारी शामिल होकर विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। प्रशासन का मुख्य ध्यान ग्रामीणों की शिकायतों को मौके पर ही निपटाने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र हितग्राही तक तुरंत पहुंचाने पर रहेगा। सरकार की मंशा है कि अधिकारी खुद गांव-गांव पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान करें।
जब तक शिकायतें दूर नहीं होतीं, ऐसे अभियानों का कोई औचित्य नहीं
अभियान की शुरुआत के साथ ही इस पर कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाज़ी शुरू हो गई है। कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सिर्फ दिखावा बनकर न रह जाए। उन्होंने कहा, “पहले भी कई अभियान शुरू किए गए, लेकिन वे धरातल पर सफल नहीं हुए। श्यामला हिल्स और श्याम नगर क्षेत्र की स्थानीय समस्याएं आज भी जस की तस हैं, यहां पिछले 50 वर्षों से लोगों के जाति प्रमाण पत्र तक नहीं बन पा रहे हैं। सरकार को ढोंग करने के बजाय जनता की इन लंबित समस्याओं का ठोस समाधान करना चाहिए। जब तक शिकायतें दूर नहीं होतीं, ऐसे अभियानों का कोई औचित्य नहीं है।”
अभियान का मकसद लोगों को त्वरित राहत दिलाना
दक्षिण-पश्चिम सीट से भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्पष्ट उद्देश्य शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सभी जिलों में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे शुक्रवार को जनता के बीच जाएं और उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करें। सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है और इस अभियान का मकसद लोगों को त्वरित राहत दिलाना है।”
