रायपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अनियमितताओं, छात्र समस्याओं और कथित भ्रष्टाचार के विरोध में प्रदर्शन किया। परिषद कार्यकर्ताओं ने 15 सूत्रीय मांगों को लेकर कुलपति कार्यालय का घेराव किया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

अभाविप ने आरोप लगाया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और विश्वविद्यालय द्वारा सेवा समाप्ति की कार्रवाई के बावजूद पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शाहिद अली को बिना वैधानिक आदेश के दोबारा विश्वविद्यालय में प्रवेश दिया गया है। परिषद ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही वर्ष 2019 में डॉ. शैलेन्द्र खण्डेलवाल की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए जांच कराने की मांग की गई।

परिषद ने विश्वविद्यालय परिसर में करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से बने नए ऑडिटोरियम की स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए। अभाविप का कहना है कि उद्घाटन से पहले ही ऑडिटोरियम क्षतिग्रस्त होने लगा है, जिससे निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ गई है। संगठन ने इसकी उच्च स्तरीय तकनीकी जांच की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने परीक्षा अवधि में लगातार बिजली कटौती, छात्रावास में दूषित पेयजल, मेस की खराब गुणवत्ता, खेल सुविधाओं की कमी, बस परिवहन की अव्यवस्था और स्टूडियो सुविधाएं छात्रों के लिए उपलब्ध नहीं होने जैसे मुद्दे भी उठाए।

अभाविप के प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा और अकादमिक उत्कृष्टता का केंद्र होना चाहिए, लेकिन यहां अनियमितताओं को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेवा समाप्ति के बाद भी किसी व्यक्ति को कार्य करने की अनुमति देना प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
वहीं, रायपुर महानगर मंत्री एवं विश्वविद्यालय छात्र सुजल गुप्ता ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित ऑडिटोरियम की गुणवत्ता संदिग्ध नजर आ रही है। उन्होंने छात्रावासों में शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय, इंडक्शन उपयोग की अनुमति और आधुनिक स्टूडियो को विद्यार्थियों के लिए तत्काल शुरू करने की मांग की।
घंटों चले प्रदर्शन और घेराव के बाद कुलसचिव ने अभाविप प्रतिनिधियों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने डॉ. शाहिद अली प्रकरण की जांच, ऑडिटोरियम निर्माण की तकनीकी जांच और विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।

अभाविप ने फिलहाल आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की है। हालांकि परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो शिक्षा मंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा तथा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
