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यस बैंक 165 करोड़ लेनदेन मामला: हाईकोर्ट की सख्ती, बैंक को अंतिम अवसर, CBI जांच के संकेत

भिलाई। सुपेला स्थित यस बैंक में करीब 165 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन मामले की सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बिलासपुर की डिवीजन बेंच ने बैंक की भूमिका पर कड़ी नाराजगी जताई है। न्यायालय के आदेश के अनुसार अनिमेष सिंह के नाम से खोले गए खाते में कुल 457 बैंक खातों से लेनदेन होना पाया गया है, जबकि यस बैंक अब तक 285 खाताधारकों की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं करा सका है।

राज्य की ओर से जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्र में बैंक के कमजोर सहयोग का उल्लेख किया गया, जिस पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए यस बैंक को सभी खातों से संबंधित संपूर्ण जानकारी देने का अंतिम अवसर प्रदान किया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में पूरी जानकारी नहीं दी गई, तो प्रकरण की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जा सकती है।

इस बीच, मामले के आरोपी अनिमेष सिंह ने जिला न्यायालय से जमानत मिलने के बाद अपने खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई को गलत बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। उनके अधिवक्ता ने मुख्य न्यायाधीश के समक्ष पक्ष रखते हुए अनिमेष सिंह को निर्दोष बताया। इस पर न्यायालय ने अनिमेष सिंह की याचिका को प्रभुनाथ मिश्र से जुड़े वर्तमान आपराधिक प्रकरण के साथ संलग्न करने के निर्देश दिए हैं।

याचिकाकर्ता प्रभुनाथ मिश्र के अधिवक्ता सतीश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि लचर जांच प्रक्रिया को लेकर न्यायालय पहले भी नाराजगी जता चुका है और मामले की जांच सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने के संकेत दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जांच किसी भी एजेंसी को सौंपी जाए, लेकिन दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च को निर्धारित की गई है।