Special Story

16 लाख से अधिक किसानों ने किया 2 लाख 16 हजार हेक्टेयर रकबा समर्पण, विधानसभा में मंत्री बघेल ने दी जानकारी

16 लाख से अधिक किसानों ने किया 2 लाख 16 हजार हेक्टेयर रकबा समर्पण, विधानसभा में मंत्री बघेल ने दी जानकारी

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। विधानसभा के बजट सत्र में आज खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री…

सरकार की नीति, नीयत, कार्यक्रम और योजनाएं दिखती हैं बजट में : उपमुख्यमंत्री अरूण साव

सरकार की नीति, नीयत, कार्यक्रम और योजनाएं दिखती हैं बजट में : उपमुख्यमंत्री अरूण साव

Shiv Mar 10, 2026 6 min read

रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उप मुख्यमंत्री अरुण साव के…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

निजी प्रैक्टिस का विरोध करने वाले अब पक्ष में क्यों ? IMA और हॉस्पिटल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने जताया विरोध

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के आदेश को लेकर चिकित्सा जगत में हलचल मच गई है। IMA और हॉस्पिटल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने इस निर्णय का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि, “मैं पहले निजी प्रैक्टिस के खिलाफ था, लेकिन अब जो स्थिति उत्पन्न हुई है, वह उचित नहीं है। आधी-अधूरी तैयारी के बीच सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस को बंद करने का आदेश जारी किया गया है, और इसका मैं विरोध करता हूं।”

डॉ. गुप्ता ने यह भी कहा कि, “सरकारी डॉक्टरों को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए, उनकी व्यवस्था पहले की जाए। ड्यूटी समय में यदि कोई डॉक्टर प्राइवेट अस्पताल में सेवा दे रहा है, तो यह बिल्कुल गलत है। विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे डॉक्टरों को सही दिशा दिखाएं।”

गौरतलब है कि मेडिकल शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस बंद करने के आदेश के बाद प्रभावित मेडिकल कॉलेजों के एक दर्जन से अधिक डॉक्टरों ने इस्तीफे की पेशकश की है। इस फैसले से सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों में असंतोष का माहौल है और आगे की स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।