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प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकास के मॉडल पर हो रहा मध्यप्रदेश में क्रियान्वयन : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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ShivApr 3, 20254 min read

भोपाल।   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र…

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रदायगी हेतु विशेषज्ञ चिकित्सक व चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति

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ShivApr 3, 20252 min read

रायपुर।   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य में स्वास्थ्य…

70 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, छिपकली गिरी मध्याह्न भोजन बच्चों को परोसा, अस्पताल में चल रहा ईलाज

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ShivApr 3, 20251 min read

बलरामपुर। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को दिए जाने वाले…

फार्महाउस में रेड, अवैध शराब तस्करी के बड़े रैकेट का हुआ पर्दाफाश

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ShivApr 3, 20253 min read

डोंगरगढ़।  डोंगरगढ़ में लाखों रुपए की अवैध शराब की खेप…

April 3, 2025

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

कहां उड़ गए सरकार के दावे! जानलेवा बीमारी के चलते हो रहे बेतहाशा खर्च ने मानसिक रूप से तोड़ा, हिम्मत हारी कैंसर पीड़िता, मौत को लगा लिया गले

अमेठी।   जिले के बाजार शुकुल क्षेत्र के इंदरिया के पूरे रामदीन गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही 15 वर्षीय किशोरी सुनीता ने रविवार को दोपहर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. गरीबी और लगातार बढ़ते इलाज के खर्च की चिंता ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया था.

परिजनों के अनुसार, मृतका सुनीता के गले में लाइलाज बीमारी थी. जिसके कारण उसे असहनीय दर्द का सामना करना पड़ रहा था. पिता हरीराम, जो एक गरीब किसान हैं, अपनी पुत्री के इलाज में पूरी तरह सक्षम नहीं थे. आर्थिक तंगी के चलते इलाज सही ढंग से नहीं हो पाया, जिससे सुनीता लगातार मानसिक तनाव में थी.

पेड़ की डाल पर लगाई फांसी

रविवार दोपहर जब घर के अन्य सदस्य अपने काम में व्यस्त थे, तब सुनीता ने घर से कुछ दूरी पर स्थित एक पेड़ की डाल से दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. कुछ देर बाद जब परिजनों ने उसे देखा तो कोहराम मच गया. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. अब सवाल ये है कि एक ओर सरकारें कैंसर की दवा की कीमतों में कमी का दावा करती है, इलाज के खर्च में कमी की बात करती है, यदि सरकार आम लोगों सस्ती स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करा रही है तो फिर आर्थिक बोझ से परेशान पीड़िता ने आखिर अपनी जान क्यों दे दी?