Special Story

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा में अवैध रूप से…

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

राजनांदगांव। देश भर में 7 मार्च से घरेलू में 60 रुपए…

शराब पर सियासत गर्म : भूपेश बघेल ने पोस्ट किया वीडियो, लिखा- बियर के अंदर बियर

शराब पर सियासत गर्म : भूपेश बघेल ने पोस्ट किया वीडियो, लिखा- बियर के अंदर बियर

Shiv Mar 8, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेलने रविवार को सोशल मीडिया…

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

Shiv Mar 8, 2026 3 min read

रायपुर। जब समाज स्वयं अपने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी…

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Shiv Mar 8, 2026 8 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

हम सबको मिलकर भारत को दुनिया का सिरमौर बनाना है – डॉ. मोहन भागवत

मुजफ्फरपुर।  77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर संस्कृति उत्थान समिति द्वारा मधुकर निकेतन, मुजफ्फरपुर में आयोजित कार्यक्रम में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर ध्वज वंदन किया तथा उपस्थित गणमान्य नागरिकों को संबोधित करते कहा कि हमारे पूर्वजों ने बहुत त्याग कर स्वाधीनता दिलाई है और हम सबको मिलकर देश को गणराज्य बनाए रखना है।

उन्होंने कहा कि सबसे ऊपर त्याग का, कर्मशीलता का, भारत की सनातन संस्कृति का भगवा रंग है, बीच में मन की निर्मलता का रंग सफेद है, लोग कर्मशील रहें, उन्नति और प्रगति का, लक्ष्मी जी आती रहे, वह रंग हरा है और यह सब धर्म के आधार पर चलता रहे। इसलिए धम्म चक्र बीच में है।

हमारा धर्म क्या है इसका उपदेश देने वाला हमारा संविधान है। संविधान की प्रस्तावना पढ़ते रहने से नागरिक कर्तव्य आदि का बोध होता रहता है और कानून का पालन करना ही नागरिक कर्तव्य है। हमारे देश में कुछ परंपरागत रूप से चलने वाले कानून भी हैं, जिनका कहीं लिखित उल्लेख तो नहीं है। परंतु भारतीय संस्कृति और परंपराओं के अनुसार मनुष्य में मनुष्यता बनी रहे, ऐसी परंपराएं चलती आ रही हैं। हम सबको मिलकर देश को दुनिया का सिरमौर बनाना है, इसके लिए हम सबको आदर्श आचरण प्रकट करते रहना होगा।