Special Story

सरकारी राशन दुकान में सेंधमारी, ताला तोड़कर 26 क्विंटल चावल और इलेक्ट्रॉनिक कांटा ले उड़े चोर

सरकारी राशन दुकान में सेंधमारी, ताला तोड़कर 26 क्विंटल चावल और इलेक्ट्रॉनिक कांटा ले उड़े चोर

Shiv Mar 8, 2026 1 min read

कवर्धा। जिले के पिपरिया थाना क्षेत्र के ग्राम बानो में चोरों…

स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया श्रद्धापूर्वक नमन

स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया श्रद्धापूर्वक नमन

Shiv Mar 8, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व लोकसभा सांसद स्वर्गीय…

छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी विश्वरंजन का निधन, पटना के मेदांता अस्पताल में ली अंतिम सांस

छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी विश्वरंजन का निधन, पटना के मेदांता अस्पताल में ली अंतिम सांस

Shiv Mar 8, 2026 1 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विश्वरंजन का शनिवार…

अवैध प्लाटिंग पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 1 एकड़ जमीन पर हो रहे निर्माण पर लगाई रोक

अवैध प्लाटिंग पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 1 एकड़ जमीन पर हो रहे निर्माण पर लगाई रोक

Shiv Mar 8, 2026 1 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के…

भाजपा नेता के खेत से 8 करोड़ का अफीम जब्त, मक्के के बीच पांच एकड़ से अधिक में उगाई थी फसल

भाजपा नेता के खेत से 8 करोड़ का अफीम जब्त, मक्के के बीच पांच एकड़ से अधिक में उगाई थी फसल

Shiv Mar 7, 2026 2 min read

दुर्ग। दुर्ग जिले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के द्वारा किए…

March 8, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

हम सबको मिलकर भारत को दुनिया का सिरमौर बनाना है – डॉ. मोहन भागवत

मुजफ्फरपुर।  77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर संस्कृति उत्थान समिति द्वारा मधुकर निकेतन, मुजफ्फरपुर में आयोजित कार्यक्रम में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर ध्वज वंदन किया तथा उपस्थित गणमान्य नागरिकों को संबोधित करते कहा कि हमारे पूर्वजों ने बहुत त्याग कर स्वाधीनता दिलाई है और हम सबको मिलकर देश को गणराज्य बनाए रखना है।

उन्होंने कहा कि सबसे ऊपर त्याग का, कर्मशीलता का, भारत की सनातन संस्कृति का भगवा रंग है, बीच में मन की निर्मलता का रंग सफेद है, लोग कर्मशील रहें, उन्नति और प्रगति का, लक्ष्मी जी आती रहे, वह रंग हरा है और यह सब धर्म के आधार पर चलता रहे। इसलिए धम्म चक्र बीच में है।

हमारा धर्म क्या है इसका उपदेश देने वाला हमारा संविधान है। संविधान की प्रस्तावना पढ़ते रहने से नागरिक कर्तव्य आदि का बोध होता रहता है और कानून का पालन करना ही नागरिक कर्तव्य है। हमारे देश में कुछ परंपरागत रूप से चलने वाले कानून भी हैं, जिनका कहीं लिखित उल्लेख तो नहीं है। परंतु भारतीय संस्कृति और परंपराओं के अनुसार मनुष्य में मनुष्यता बनी रहे, ऐसी परंपराएं चलती आ रही हैं। हम सबको मिलकर देश को दुनिया का सिरमौर बनाना है, इसके लिए हम सबको आदर्श आचरण प्रकट करते रहना होगा।