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गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले सुकमा पुलिस को बड़ी सफलता, चार ईनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर…

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ShivApr 4, 20251 min read

सुकमा। सुकमा पुलिस को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे…

वक्फ बिल के नाम पर मुस्लिमों को डरा रही है कांग्रेस: बृजमोहन अग्रवाल

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ShivApr 4, 20251 min read

नई दिल्ली।  भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद…

भारत-जापान संबंधों को लेकर संसद में उठा रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का सवाल

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ShivApr 4, 20253 min read

नई दिल्ली/रायपुर।  रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल…

April 4, 2025

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निर्माणाधीन मकान तोड़ने पर भड़के ग्रामीण : चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ लगाए नारे

बीजापुर।     जिले के गंगालूर तहसील में बीते दिन एक निर्माणधीन मकान पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया. इससे नाराज ग्रामीणों ने आज गंगालूर से बीजापुर के बीच सड़क पर बैठकर चक्काजाम किया. करीब 4 घंटे तक नाराज ग्रामीणों ने चक्काजाम कर शासन और प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए. इस दौरान गंगालूर से बीजापुर आने वाले सारे यात्री और बाजार हाट वाले परेशान होते रहे. बीजापुर भाजपा के नेता भी ग्रामीणों के साथ सड़क पर बैठ प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए. इस बीच गंगालूर तहसीलदार,पटवारी और पुलिस प्रशासन के लोग धरना स्थल पहुंचे और पीड़ित परिवार को दो दिनों का आश्वासन देकर प्रदर्शन का समाप्त कराया.

पीड़ित सोमलू हेमला ने बताया कि इस जमीन में मेरे पूर्वज घर बनाए थे. घर बरसात में कमजोर होकर गिरने पर उस जगह पर मैं एक-एक पाई पैसा जोड़कर नया घर बना रहा था. इसके लिए ग्राम सभा की बैठक में सभी की सहमति से ही मैं उस घर को बना रहा था, परंतु प्रशासन ने मुझे किसी भी प्रकार से बिना जानकारी के मेरे घर पर बुलडोजर चलवा दिया, जिससे मैं और मेरा परिवार बहुत आहत हैं. प्रशासन अगर दो दिन बाद न्याय नहीं करेगा तो बीजापुर जिले में ग्रामीणों के साथ धरना प्रदर्शन करेंगे.

न्याय नहीं मिलने पर बीजापुर में देंगे धरना

स्थानीय सरपंच कमलू राजू ने कहा कि पीड़ित परिवार ने 2 अक्टूबर 2024 को स्थानीय ग्राम सभा में आवेदन किया था, उसको मैं पांच गांवों की सहमति पर साइन करने दिया था. तहसीलदार गंगालूर को भी आवेदन दिया था, लेकिन तहसीलदार और पटवारी ने किसी का सुने बिना अपने तरीके से बुलडोजर लाकर चलवा दिया, जिसके लिए हमें आज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ा. दो दिन प्रशासन ने समय मांगा है. अगर दो दिन बाद पीड़ित परिवार को मुआवजा और न्याय नहीं मिला तो हम जिला मुख्यालय में धरने पर बैठने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी. इस मामले में तहसीलदार लोकेश ठाकुर को मोबाइल पर संपर्क करने पर उन्होंने फोन रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा.