Special Story

सरकार ने जारी की निगम, मंडल, बोर्ड और आयोग में अध्यक्ष पद की सूची, देखें पूरी लिस्ट…

सरकार ने जारी की निगम, मंडल, बोर्ड और आयोग में अध्यक्ष पद की सूची, देखें पूरी लिस्ट…

ShivApr 2, 20252 min read

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने निगम, मंडल, बोर्ड और…

प्रदेश में संपत्ति कर जमा करने की तिथि बढ़ी, अब 30 अप्रैल तक कर सकते हैं भुगतान

प्रदेश में संपत्ति कर जमा करने की तिथि बढ़ी, अब 30 अप्रैल तक कर सकते हैं भुगतान

ShivApr 2, 20251 min read

रायपुर।   साय सरकार ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में…

April 3, 2025

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने बैठक में सख्त लहजे में रेलवे अधिकारियों को चेताया, कहा-

रायपुर। केद्रीय आवासन एवं शहरी विकास कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू बिलासपुर में प्रदेश के अन्य सांसदों के साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मण्डल के अधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने रेलवे की अधिकारों को सख्त लहजे में कहा कि हम और आप सब जनता को बेहतर सुविधा और सेवा देने के लिए हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन की रवैया से आम लोगों की कठिनाई बढ़ती जा रही है.

बैठक में बिलासपुर सांसद तोखन साहू ने कहा कि रेलवे का कार्य सिर्फ माल गाड़ी की ढुलाई नहीं है, बल्कि जनता की आवागमन की सुविधाएं महत्वपूर्ण हैं. रेलवे रूट की सर्वे में ऐसे क्षेत्र का चयन करें, जिससे ज्यादा से ज्यादा जनता लाभान्वित हो सकें. यह क्षेत्र की जनता की बहुप्रतीक्षित मांग है, जिसके कार्यों में तेजी से शीघ्रता लाएं.

इसके साथ उन्होंने कहा कि कोविड के समय से जो स्टेशनों पर रेलवे की ठहराव बंद हुआ है उसमें पुनः स्टापेज किया जाए. इसके साथ उन्होंने कटघोरा – मुंगेली – डोंगरगढ़ रेलवे लाइन परियोजना को लेकर विशेष जोर दिया.

सांसद ने कहा कि हमारा देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्व की पांचवीं अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है, जिसमें रेलवे का भी अहम योगदान है और माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस शताब्दी के तीसरी दशक को रेलवे की कायाकल्प का दौर बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रहे हैं . बिलासपुर डिविजन के 16 रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन में शामिल किया गया है.

जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर मिले उत्तर पर जताई नाराजगी

बैठक में सांसद तोखन साहू ने कहा कि सभी सांसद औसतन 20-25 लाख जनता की प्रतिनिधित्व करते हैं, जिन्हें संसदीय क्षेत्र की जनता रेलवे की सुविधाओं को लेकर उम्मीद और विश्वास से देखती है. लेकिन रेलवे की ओर से सांसदों से मांगें गए प्रस्ताव पर निराशाजनक उत्तर प्राप्त हुआ है, जो खेद का विषय ‌है. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि कार्य की यह संस्कृति उचित नहीं है. रेलवे प्रशासन को जनता की सुविधाओ का ध्यान रखना‌ होगा और जनप्रतिनिधियों की मांगों और सुझावों को सुनकर क्रियान्वयन भी करना होगा.