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किराए के वाहनों पर 130 करोड़ खर्च, पुलिस का कुल वाहन खर्च 350 करोड़ पहुंचा

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Shiv Mar 12, 2026 7 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने महज़ साल भर में किराए के वाहनों…

संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को मिला बड़ा नक्सली डम्प

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Shiv Mar 12, 2026 2 min read

गरियाबंद। जिले के थाना मैनपुर क्षेत्र में सुरक्षा बलों को संयुक्त…

बच्चों से पुताई करवाने वाली प्राचार्या हटाई गई, आरटीई सीटें घटाने पर हाईकोर्ट ने मांगा हलफनामा

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Shiv Mar 12, 2026 2 min read

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आरटीआई से जुड़ी जनहित याचिका समेत अन्य…

गैस सिलेंडर की किल्लत पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा, 35 सदस्य स्वमेव निलंबित

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Shiv Mar 12, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को शून्यकाल के दौरान महँगाई और…

कोटवार के पद पर खानदानी हक नहीं, योग्यता और चरित्र ही अहम…

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Shiv Mar 12, 2026 2 min read

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोटवारों की नियुक्ति को लेकर कहा है…

March 12, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

मुख्यमंत्री के सुशासन में राज्य में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान

रायपुर।     स्वास्थ्य जीवन की पूंजी है। इसी विश्वास के साथ छत्तीसगढ़ के विष्णुदेव सरकार सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विष्णु के सुशासन से छत्तीसगढ स्वस्थ हो रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेशभर में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि छत्तीसगढ़ से सिकल सेल बीमारी को विदा करना है और इसके लिए हम सब मिलकर प्रयास करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य राज्य को सिकल सेल जैसे बिमारी से मुक्त कराना और लोगों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

इस अभियान के तहत् राज्य में पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर विशेष कैंप आयोजित कर 40 वर्ष तक के लोगों को संभावित लक्षणों के आधार पर पहचान कर आवश्यक उपचार और दवाई उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही साथ प्रत्येक गर्भवती महिलाओं की सिकल सेल जांच सुनिश्चित की जा रही है। जिससे की जन्म लेने वाले प्रत्येक शिशु स्वस्थ्य और सिकल सेल मुक्त हो।

गौरतलब है कि सिकल सेल एक अनुवांशिक रक्त विकार है। इससे अनेक स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती है। जिसमें लाल रक्त कणिका के सामान्य आकार में परिवर्तन होकर हसिया के आकार का हो जाता है। रक्त कणिकाओं का हसिया आकार होने के कारण इसकी ऑक्सीजन वहन क्षमता कम हो जाती है और ये कणिकाएं रक्त वाहिकाओं में चिपकने लगती है। इसके कारण शरीर के सभी अंगों को ऑक्सीजन आपूर्ति में समस्या आती है, जिससे पीड़ित व्यक्ति को शरीर में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, बुखार जैसे समस्या उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल वाहक और सिकल सेल रोगी दो प्रकार के होते हैं। सिकल सेल वाहक में गंभीर लक्षण नहीं होते पर यह विकार को अगली पीढ़ी में बढ़ाते हैं।