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बालोद और बेमेतरा कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

बालोद और बेमेतरा कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

बालोद/बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के हाईकोर्ट और विभिन्न जिला कोर्टों को लगातार…

March 9, 2026

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निर्माणाधीन प्लांट हादसा: सिल्ली गिरने से 6 मजदूरों की मौत, कई दबे, रेस्क्यू जारी

रायपुर। राजधानी रायपुर में शुक्रवार को एक निजी स्टील फैक्ट्री में बड़ा हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री के निर्माणाधीन प्लांट में काम चल रहा था। इसी दौरान भारी मशीनरी का एक बड़ा टुकड़ा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। उसी समय वहां काम कर रहे दर्जनभर से अधिक मजदूर इसकी चपेट में आ गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 6 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।

घायलों को तत्काल देवेंद्र नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने 2 मजदूरों की हालत नाजुक बताई है। हादसे के बाद मृतकों और घायलों की संख्या में इजाफा होने की आशंका भी जताई जा रही है, क्योंकि मलबे में अभी भी मजदूरों के दबे होने की आशंका है।

फैक्ट्री में अफरा-तफरी, रेस्क्यू जारी

हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। साथी मजदूर चीख-पुकार करते हुए मदद के लिए दौड़े। हादसे की सूचना मिलते ही धरसींवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। बचाव दल मलबे में दबे अन्य मजदूरों को निकालने में जुटा हुआ है। वहीं, स्थानीय प्रशासन भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहा है।

फैक्ट्री प्रबंधन चुप, जांच की मांग

घटना को लेकर अभी तक फैक्ट्री प्रबंधन या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मजदूरों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी और इसी लापरवाही के चलते इतना बड़ा हादसा हुआ।

श्रमिक संगठनों ने हादसे पर नाराजगी जताते हुए पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने की मांग की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।

मृतकों की पहचान जारी

मृत मजदूरों की पहचान अभी पूरी तरह नहीं हो सकी है। पुलिस और प्रशासन मृतकों की शिनाख्त कर उनके परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया में जुटे हैं। वहीं, अस्पताल में भर्ती घायलों का उपचार जारी है।

गंभीर सवाल

यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़े करता है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर कितनी गंभीरता बरती जाती है। मजदूरों का कहना है कि निर्माणाधीन प्लांट में सुरक्षा उपकरणों और एहतियाती उपायों की भारी कमी थी।