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थाने में आदिवासी किसान की पिटाई : भाजपा नेत्री समेत उनके साथियों के खिलाफ FIR दर्ज, आक्रोशित समाज ने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की दी है चेतावनी

कोरबा। थाने में आदिवासी किसान के साथ मारपीट मामले में समाज के विरोध के बाद भाजपा नेत्री समेत तीन अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है. इस मामले में रामपुर के कांग्रेस विधायक फूल सिंह राठिया ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है. वहीं भाजपा के पदाधिकारी ज्योति महंत के समर्थन में सोशल मीडिया पर सामने आया है. इधर आदिवासी समाज ने थाना पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. वहीं भाजपा नेत्री ज्योति महंत भी अपने साथियों के साथ जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में नजर आई.

दरअसल सड़क में साइड नहीं देने पर ग्राम बरेडिमुड़ा निवासी आदिवासी किसान के साथ भाजपा नेत्री एवं उनके सहयोगियों ने मारपीट की थी. वहीं बांकीमोगरा थाना परिसर में भी उसकी पिटाई की. इस मामले को लेकर आदिवासी समाज में आक्रोश है. दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है.

सर्व आदिवासी समाज कोरबा ने पुलिस प्रशासन से सवाल किया है कि क्या छत्तीसगढ़ पुलिस अब राजनीतिक दबाव में कानून की रक्षा के बजाय उसका मखौल उड़ाने वालों का संरक्षण करने लगी है? 7 जून 2025 को बरेडिमुड़ा निवासी एक आदिवासी किसान बलवंत सिंह कंवर के साथ भाजपा नेत्री ज्योति महंत एवं उसके साथियों ने रावणभाठा मैदान मार्ग पर गाली-गलौच करते हुए जातिगत टिप्पणी कर मारपीट की. घसीटते हुए थाना लाया गया और वहां भी भाजपा नेत्री एवं उनके सहयोगियों ने पीड़ित के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की. इसका वीडियो भी वायरल हो रहा.

भ्रष्टाचार और दबंगई का अड्‌डा बना थाना परिसर : आदिवासी समाज

वीडियो में भाजपा नेत्री द्वारा अपमानजनक अभद्र एवं जातिवादी भाषा का प्रयोग साफ सुना और देखा जा सकता है. समाज के लोगों का कहना है कि इस दौरान पुलिस ने ना तो पीड़ित को सुरक्षा दी और ना ही किसी भी प्रकार से हस्तक्षेप कर कानून व्यवस्था का पालन करवाया. इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस प्रशासन ने एक राजनीतिक प्रभावशाली व्यक्ति को कानून से ऊपर मान लिया है. इतना ही नहीं पीड़ित किसान से समझौता के नाम पर 4500 रुपये तक की अवैध वसूली भी की गई, जो यहां साबित करता है कि थाना परिसर अब न्याय का केंद्र नहीं बल्कि भ्रष्टाचार और दबंगई का अड्डा बनता जा रहा है.

सर्व आदिवासी समाज की है ये मांगें

  • भाजपा नेत्री ज्योति महंत एवं उनके साथियों पर एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम एवं भारतीय दंड सहित संगत धाराओं के अंतर्गत तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए.
  • आदिवासी किसान को पुलिस सुरक्षा चिकित्सा सहायता एवं 1 लाख रुपये मुआवजा अविलंब प्रदान किया जाए.
  • थाना परिसर की सीसीटीवी फुटेज को सबूत के रूप में सुरक्षित रखकर जांच में शामिल किया जाए.
  • थाना बांकीमोंगरा की कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष आदिवासी के साथ इस प्रकार की बर्बरता ना हो.

निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

आदिवासी समाज ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन इस घटना पर मौन बना रहा और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो सर्व आदिवासी समाज जिला स्तर पर उग्र आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं पूरे आदिवासी समाज की अस्मिता पर हमला है. हम यह अपमान सहन नहीं करेंगे.

इनके खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

आदिवासी समाज के विरोध के बाद पुलिस ने लिखित आवेदन के आधार पर आरोपी भाजपा नेत्री ज्योति महंत सहित अमन कुमार राजपूत, मुकेश राणा व साथियों के विरुद्ध धारा 296, 115 (2), 140 (3), 308 (2) तथा 3(5) bns के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही.