रायपुर-दुर्ग रेलवे ट्रैक पर 130 KMPH स्पीड का ट्रायल, जीएम ने किया निरीक्षण
रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन के महाप्रबंधक (जीएम) ने शुक्रवार को दुर्ग से रायपुर के बीच रेल मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य ट्रैक की संरचना, संचालन क्षमता और गति बढ़ाने की संभावनाओं का आकलन करना था। रायपुर स्टेशन पहुंचने के बाद जीएम पुनः दुर्ग के लिए रवाना हुए, जहां वे मिडल लाइन पर 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रेन चलाए जाने के लिए बनाए गए ट्रैक का निरीक्षण करेंगे। इससे पहले रायपुर से दुर्ग जाते समय उन्होंने अप लाइन की जांच की और ट्रैक की गुणवत्ता, संरक्षा संबंधी मानकों और सिग्नलिंग प्रणाली को बारीकी से परखा। रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि रायपुर रेल मंडल में वंदे भारत एक्सप्रेस के साथ-साथ अब अन्य ट्रेनों की गति भी बढ़ाई जा रही है, विशेषकर वे ट्रेनें जिनमें एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच लगे हुए हैं। एलएचबी कोच की उच्च तकनीकी विशेषताओं के कारण इन ट्रेनों को तेज रफ्तार में चलाना संभव हो पाया है।
जीएम ने कहा कि पूरे रेल मंडल में इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने, यात्रियों को समय पर और सुरक्षित यात्रा देने तथा हाई-स्पीड ट्रेनों के संचालन के लिए आधुनिक तकनीक पर आधारित ट्रैक व सिग्नलिंग सिस्टम का विकास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले चरण में 130 KMPH की स्पीड से चलने वाली ट्रेनों के लिए ट्रैक को पूरी तरह से तैयार कर लिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान रायपुर रेलवे स्टेशन में पश्चिम विधायक राजेश मूणत और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय भी मौजूद रहे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने जीएम से मुलाकात कर क्षेत्रीय रेल समस्याओं को विस्तार से रखा। विधायक राजेश मूणत ने स्टेशन में यात्रियों की सुविधा के दृष्टिकोण से प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 7 तक अंडरब्रिज निर्माण की मांग की। उन्होंने बताया कि यात्रियों को विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को प्लेटफॉर्म बदलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अंडरब्रिज के निर्माण से न केवल यह समस्या हल होगी, बल्कि रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर होगी।

वहीं, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने रायपुर से इंदौर तक सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग की, जिससे व्यापारिक और सामाजिक दृष्टिकोण से जुड़े हजारों लोगों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा उन्होंने रेलवे की जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और अतिक्रमण के मामलों को भी जीएम के संज्ञान में लाया। उन्होंने कहा कि राजधानी में रेलवे की बहुमूल्य भूमि पर अवैध कब्जे और रजिस्ट्रियों के माध्यम से हो रहे घोटाले चिंताजनक हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। इस पर जीएम ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी, और यदि कोई भी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रेलवे जीएम ने यह भी संकेत दिए कि आने वाले दिनों में रायपुर मंडल के अंतर्गत कई ट्रेनों की गति में सुधार देखने को मिलेगा। साथ ही स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों की सुविधाओं को लेकर अनेक प्रस्तावों पर काम चल रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेल संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और नई परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।





