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पीसीपीएनडीटी और एआरटी एक्ट के सख्त पालन के निर्देश, लिंगानुपात सुधार पर जोर

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Shiv Mar 13, 2026 2 min read

रायपुर। प्रदेश में लिंगानुपात में सुधार और प्रजनन संबंधी सेवाओं…

पड़ोस नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर लोकसभा में बृजमोहन अग्रवाल के सवाल, सरकार ने रखी रणनीति

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Shiv Mar 13, 2026 3 min read

नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा बृजमोहन अग्रवाल ने…

सहकारिता से आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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Shiv Mar 13, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के कटोरा…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 मार्च को बिलासपुर से करेंगे “गौधाम योजना” का शुभारंभ

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Shiv Mar 13, 2026 3 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में निराश्रित और घुमंतू गौवंश…

पट्टीकल्याणा में आरएसएस की तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा शुरू, देशभर से 1400 प्रतिनिधि शामिल

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Shiv Mar 13, 2026 5 min read

पट्टीकल्याणा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की…

March 13, 2026

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रिटायरमेंट के डेढ़ साल पहले अधिकारी का नक्सल क्षेत्र में ट्रांसफर, हाई कोर्ट ने आदेश पर लगाई रोक…

बिलासपुर। रिटायरमेंट में 1 साल 8 माह बचे होने के बावजूद अधिकारी का नक्सल क्षेत्र में ट्रांसफर कर दिया गया. आदेश के खिलाफ अधिकारी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने ट्रांसफर पर रोक लगा दी है.

दुर्ग स्थित महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में प्रशिक्षण अधीक्षक के पद पर पदस्थ रायपुर निवासी सरोज वर्मा का ट्रांसफर विभाग ने घोर अनुसूचित एवं नक्सली जिला बीजापुर कर दिया था. इस आदेश को चुनौती देते हुए सरोज वर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की.

मामले की सुनवाई के दौरान अधिकारी की ओर से तर्क दिया गया कि छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार 55 वर्ष से अधिक की उम्र पार चुके शासकीय सेवक को घोर अनुसूचित जिले में पदस्थ नहीं किया जाएगा. याचिकाकर्ता की उम्र 60 वर्ष एवं 4 माह होने के बावजूद उनका स्थानांतरण घोर अनुसूचित-नक्सली जिला बीजापुर कर दिया गया, जो पॉलिसी का उल्लंघन है.

अधिकारी की ओर से साथ में यह तर्क दिया गया कि उन्हें मिर्गी की बीमारी है, और उनके रिटायरमेन्ट को सिर्फ 1 वर्ष 8 माह शेष है, ऐसे में घोर अनुसूचित-नक्सली जिला बीजापुर में ज्वाइन करने से याचिकाकर्ता को परेशानी होगी. हाई कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ता के स्थानांतरण आदेश पर रोक लगा दी है.