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बेटी ने निभाया पुत्र धर्म: समाज की रूढ़ियों को तोड़कर दी मां चिता को अग्नि दी

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ShivApr 4, 20252 min read

खैरागढ़।  बच्चों का कर्तव्य केवल परंपराओं तक सीमित नहीं होता,…

परिवहन पोर्टल के द्वारा घर बैठे बनवाएं लायसेंस और कराएं गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन

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ShivApr 4, 20253 min read

रायपुर।   छत्तीसगढ़ शासन, परिवहन विभाग द्वारा आम नागरिकों को दी…

नाला किनारे चल रहा था महुआ शराब कारखाना, पुलिस की दबिश में मिला अवैध शराब का जखीरा

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ShivApr 4, 20252 min read

कोरबा। ऊर्जाधानी में अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम ही…

पार्टी के खिलाफ गतिविधियों पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पर की गई कार्ड, छह साल के लिए किए गए निष्कासित…

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ShivApr 4, 20251 min read

रायपुर। त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों पर…

April 4, 2025

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रिटायरमेंट के डेढ़ साल पहले अधिकारी का नक्सल क्षेत्र में ट्रांसफर, हाई कोर्ट ने आदेश पर लगाई रोक…

बिलासपुर। रिटायरमेंट में 1 साल 8 माह बचे होने के बावजूद अधिकारी का नक्सल क्षेत्र में ट्रांसफर कर दिया गया. आदेश के खिलाफ अधिकारी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने ट्रांसफर पर रोक लगा दी है.

दुर्ग स्थित महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में प्रशिक्षण अधीक्षक के पद पर पदस्थ रायपुर निवासी सरोज वर्मा का ट्रांसफर विभाग ने घोर अनुसूचित एवं नक्सली जिला बीजापुर कर दिया था. इस आदेश को चुनौती देते हुए सरोज वर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की.

मामले की सुनवाई के दौरान अधिकारी की ओर से तर्क दिया गया कि छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार 55 वर्ष से अधिक की उम्र पार चुके शासकीय सेवक को घोर अनुसूचित जिले में पदस्थ नहीं किया जाएगा. याचिकाकर्ता की उम्र 60 वर्ष एवं 4 माह होने के बावजूद उनका स्थानांतरण घोर अनुसूचित-नक्सली जिला बीजापुर कर दिया गया, जो पॉलिसी का उल्लंघन है.

अधिकारी की ओर से साथ में यह तर्क दिया गया कि उन्हें मिर्गी की बीमारी है, और उनके रिटायरमेन्ट को सिर्फ 1 वर्ष 8 माह शेष है, ऐसे में घोर अनुसूचित-नक्सली जिला बीजापुर में ज्वाइन करने से याचिकाकर्ता को परेशानी होगी. हाई कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ता के स्थानांतरण आदेश पर रोक लगा दी है.