स्थानांतरण पर स्थानांतरण नहीं चलेगा! हाईकोर्ट ने दूसरी ट्रांसफर ऑर्डर पर अगली सुनवाई तक लगाई रोक
रायपुर। शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के तहत जारी किए गए बार-बार के स्थानांतरण आदेशों को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। एक शिक्षिका के बार-बार स्थान बदलने के मामले में कोर्ट ने दूसरे ट्रांसफर आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।
याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि युक्तियुक्तकरण निर्देशों के तहत याचिकाकर्ता को 04 जून 2025 को हाईयर सेकंडरी स्कूल आसना, ब्लॉक जगदलपुर से हटाकर पनारापारा में पदस्थ किया गया था। शिक्षिका ने आदेश का पालन करते हुए 5 जून को अपने नवीन पदस्थापन स्थल पर योगदान भी दे दिया था।
लेकिन इसी दिन, यानी 5 जून को ही, उत्तरदाता क्रमांक-4 ने उक्त स्थानांतरण आदेश को निरस्त कर दिया और 06 जून को नया आदेश जारी कर उन्हें तोकापाल ब्लॉक के केशलूर स्कूल में स्थानांतरित कर दिया।
कोर्ट की सख्ती:
याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि जब एक बार स्थानांतरण आदेश का पालन कर नवीन स्कूल में योगदान दे दिया गया है, तो बार-बार स्थान बदलना प्रशासनिक मनमानी और दुर्भावना को दर्शाता है। यह कार्रवाई दूसरों को मनचाही जगह पर पदस्थ करने की मंशा का भी संकेत देती है।
इस पर माननीय न्यायालय ने याचिकाकर्ता के पक्ष में अंतरिम राहत देते हुए, 6 जून 2025 के स्थानांतरण आदेश के प्रभाव और संचालन पर रोक लगा दी है।अब यह मामला तीन सप्ताह बाद सूचीबद्ध किया जाएगा, जिसमें अंतिम बहस और फैसला होने की संभावना है।
संजय शर्मा ने दी प्रतिक्रिया
युक्तियुक्तकरण को लेकर कोर्ट के आये निर्देश पर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने प्रतिक्रिया दी है। संजय शर्मा ने कहा है कि यह पहला स्टे है जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदन की जरूरत नहीं है। इस प्रकरण को आफ देखेंगे तो आपको पता चलेगा, कि पहला ऑर्डर DEO ने खुद कैंसिल कर दिया था। एक दिन में पोस्टिंग आदेश को चेंज कर दिया गया। अब दूसरे ऑर्डर को कोर्ट ने कैंसल कर दिया है। शिक्षकों को डीईओ ने अभ्यावेदन देने पर राहत नही दिया, पर वाजिब हक को न्यायालय से राहत मिला, हम स्वागत करते है।
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