Special Story

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

राजधानी रायपुर में तीन दिवसीय वृहद कला प्रदर्शनी, प्रदेश के 45 कलाकार करेंगे चित्र और शिल्प कला का प्रदर्शन

रायपुर।   छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 12 से 14 अप्रैल तक महंत घासीदास संग्रहालय में छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) द्वारा वृहद कला प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस कला आयोजन में प्रदेश के 45 कलाकार चित्र और शिल्प कलाओं का प्रदर्शन करेंगे।

यह प्रदर्शनी सिर्फ एक कला आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के कला संसार में एक दस्तक है. समकालीन कलाकारों की बेचैनी का आगाज है. जो कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के ढाई दशक बाद भी राज्य में कोई कला अकादमी नहीं है. 

प्रदेशभर के 45 कलाकार की भागीदारी

प्रदर्शनी में शामिल 45 कलाकार राज्य के विभिन्न अंचलों और सांस्कृतिक परिवेश का प्रतिनिधित्व करेंगे. इस कला शिविर के माध्यम से कलाकार अपनी विशिष्ट कला शैली और सृजनशीलता को प्रस्तुत करेंगे.

डॉ. ध्रुव तिवारी और CGPAG के संयोजक जितेन साहू का कहना है कि राज्य में इस तरह की कला प्रदर्शनियों और शिविरों का आयोजन लगातार होते रहना चाहिए. इससे छत्तीसगढ़ अपनी कला संस्कृति में एक विशिष्ट पहचान बना सकेगा और स्थानीय कलाकारों को उचित मंच मिल सकेगा.