अजीत जोगी की मूर्ति पर अल्टीमेटम खत्म, समर्थकों ने ज्योतिपुर चौराहे पर शुरू किया धरना प्रदर्शन, अमित जोगी हिरासत में लिये गये
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी की कथित रूप से चोरी हुई मूर्ति को वापस स्थापित कराने की मांग पर उठे विवाद में आज नये मोड़ पर पहुंच गया। पेंड्रारोड के ज्योतिपुर चौराहे पर मूर्ति चोरी के बाद एक माह का अल्टीमेटम खत्म होने के साथ ही जोगी समर्थकों ने प्रशासन को निष्क्रियता का दोषी ठहराते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि प्रशासन ने प्रदर्शन कर रहे अमित जोगी सहित उनके कई समर्थकों को हिरासत में ले लिया है।
सुबह से ही दर्जनों जोगी समर्थक – जिनमें कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता, महिलाएं और आदिवासी संगठन के प्रतिनिधि शामिल थे – प्रस्तावित मूर्ति-स्थापना स्थल पर जमा हुए। उन्होंने क्रेन व गुदुम्मा बाजा की धुन पर नारेबाजी करते हुए तत्काल जांच व दोषियों पर कार्रवाई एवं मूर्ति की पुनर्स्थापना की मांग दोहराई।
पूर्व कोटा विधायक डॉ. रेणु जोगी और अमित जोगी ने प्रशासन को पहले ही उस स्थल के स्वामित्व के दस्तावेज सौंपे थे, जिसमें स्पष्ट उल्लेख था कि मिशन की भूमि पर मूर्ति लगाने का अधिकार उन्हें ही प्राप्त है। बावजूद इसके, एक माह बीत जाने पर भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
प्रदर्शन पर संवेदनशीलता बरतने के निर्देश के बावजूद ज्योतिपुर चौराहे पर भारी पुलिस बल, SDM व उच्च अधिकारियों की मौजूदगी देखी गई। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए चारों ओर सुरक्षा घेरे कड़े कर लिए हैं।





