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पूर्व IAS अनिल टुटेजा की जमानत याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा –

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Shiv Mar 10, 2026 3 min read

दिल्ली। जेल में बंद पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की उस…

उड़ान योजना और हवाई अड्डों के विस्तार पर संसद की बैठक में उठी चर्चा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रखे सुझाव

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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

नई दिल्ली/रायपुर।  रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल मंगलवार…

प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

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Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती का मामला…

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट…

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम खेती का मामला सामने आया

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Shiv Mar 10, 2026 1 min read

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने…

March 10, 2026

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पिता की बीमारी की जानकारी देने आए बेटे को भेजा गया जेल, कोर्ट ने 25 हजार का मुआवजा देने का दिया आदेश

बिलासपुर। अपनी बीमारी की वजह से एसडीओ के आदेश पर पेशी में नहीं पहुंच सके पिता की जानकारी देने आए बेटे को ही 15 दिन के लिए जेल भेज दिया गया. मामले में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज (एडीजे) ने सुनवाई करते हुए प्रार्थी को 25 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया. इस आदेश के खिलाफ एसडीओ ने हाईकोर्ट में अपील की. हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने इसे खारिज करते हुए सत्र न्यायालय के आदेश को सही ठहराया है.

जानकारी के अनुसार, तखतपुर के जोरापारा निवासी साधराम सतनामी श्रमिक हैं, उनके पिता जोतराम सतनामी ने सरकारी जमीन पर मकान बनाया था. इसकी शिकायत मिलने पर तत्कालीन एसडीओ राजस्व कोटा ने मौके पर दल भेजकर अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया और 500 रुपये जुर्माना भी लगाया. पेशी के दिन जोतराम बीमार होने के कारण एसडीओ कोर्ट नहीं पहुंच सका, जिसकी जानकारी देने उसने अपने बेटे साधराम को भेजा.

कोर्ट में आकर जब साधराम ने पिता के बीमार होने की जानकारी दी तो एसडीओ आशुतोष अवस्थी ने साधराम को ही 15 दिन के लिए जेल भेज दिया. जेल से आने पर सिविल कोर्ट में मामला लगाया गया. मामले में एडीजे ने सुनवाई कर पीड़ित को 25 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का निर्देश दिया. इसके खिलाफ वर्तमान में अपर कलेक्टर पदस्थ अवस्थी ने हाईकोर्ट में अपील की. मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पाण्डेय के सिंगल बेंच में हुई. कोर्ट ने सेशन कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए अपील खारिज कर दी.