युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार के नाट्य में संघ यात्रा को बखूबी गया दर्शाया
रायपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में संघ के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार की जीवनी पर आधारित नाटक युगप्रवर्तक डॉ हेडगेवार का मंचन पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में सायं 5 बजे से किया गया। नाट्य का मुख्य केंद्र हजारों वर्षों की गुलामी को देखते हुए भविष्य में राष्ट्र को संगठित करने के लिए डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के उद्देश्य को दिखाया गया। नाटक युगाप्रवर्तक डॉ हेडगेवार में उनके कांग्रेस से जुड़ने, क्रांतिकारी संघर्षों में हिस्सा लेने का प्रसंग दिखाया गया। उन्होंने हिंदू समाज को संगठित करनेबका संकल्प लेकर कार्य प्रारंभ किया। नाटक में मुख्य अतिथि थे छत्तीसगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र, और प्रांत के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में नागरिक बंधु उपस्थित थे।





इस नाट्य मे डॉ हेडगेवार के जीवन से जुड़े प्रमुख प्रसंग प्रदर्शन किया गया जैसे-
-जिस समय उन्नीस वी शताब्दी के प्राथमिक चरण में स्वतंत्रता का आंदोलन काँग्रेस के गरम दल नेतृत्व के हाथो में। बाद में अहिंसा के मार्ग पर आंदोलन का क्षीण होना और स्वप्नवादी तुष्टीकरण का प्रादुर्भाव और दुराग्रही तथा आंदोलन को विना परिणाम के आधे में हतप्रभ करने वाले नेतृत्व का उदय ।
– स्वतंत्रता के अहिंसक आंदोलन में घसिटते जानेवाला हिंदू समाज और उसकी अगतिकता।
– स्वातंत्र्य सेनानी की भूमिका में डॉक्टर हेडगेवार जी पर चलाया गया राजद्रोह का अभियोग।
– तिलकजी से कर्मयोग, योगी अरविंद से संगठन का आध्यात्मिक आधार और स्वातंत्र्यवीर सावरकर द्वारा दिया गया प्रखर राष्ट्रभक्ति का संदेश। तीन नदियों के इस संगम से हिंदू राष्ट्रवाद का उदय।
– संगठन की शाश्वत स्थायित्व का चिंतन।
– राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सृजन।
– सुभाष जी के मानस में सैनिकी संगठन का बिजारोपण ।
– बाबाराव सावरकर जी का संघ को अभिनंदन।
– तेजोमय संघ स्वयंसेवकों के चरित्र निर्माण की प्रक्रिया।
नाटक के सम्बन्ध में जानकारी:
नाटक के निर्माता : पद्माकर धानोरकर
लेखक : डॉ. अजय प्रधान
अभिनेता और निर्देशक : सुबोध सुरजिकर
संगीत – शैलेश दानी
डॉ. हेडगेवारजी की भूमिका निभाया सतीश खेकले ने और उनके साथ अन्य कलाकारों अमोल तेलपांडे, रमेश चंद्र दीक्षित, मंगेश बावसे, विनायक श्रोत्रिय, प्रशांत मांगड़े, मिलिंद हसब्निस, विनय लोहित, विनय मोदक, गणेश केलकर, विजय हरदास, ऋषिकेश अंबुलकर, मयंक जैन, सचिन चावरे, निखिल एदलाबादकर, आनंद बालापुरे, ऋषि पवार, राज पवार, श्याम पिंपरेकर ने अभिनय किया.






