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तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

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जो कहेंगे सच कहेंगे

मतदाता दिवस के दिन राजधानी की जनता ने किया चुनाव बहिष्कार, जानिए क्या है इनकी मांगे

रायपुर। राजधानी में सरकार द्वारा बनाए गए पीएम आवास के निवासियों ने आज निकाय चुनाव से पहले चुनाव का बहिष्कार कर दिया. दरअसल, दलदल सिवनी स्थित पीएम आवास कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने लंबे समय से पानी और अन्य समस्याओं को जनप्रतिनिधियों द्वारा अनदेखा किए जाने पर चुनाव का बहिष्कार कर दिया. असुविधाओं के अंबार से परेशान लोगों ने कॉलोनी के बाहर चुनाव बहिष्कार का बैनर लगाकर प्रदर्शन किया. 

लोगों का फूटा आक्रोश 

स्थानीय लोगों से बातचीत में उन्होंने बताया कि किसी भी मौसम में भी पानी यहां उपलब्ध नहीं रहता है. रायपुर नगर निगम, कलेक्ट्रेट और जोन कार्यालय, हर जगह लोगों ने ज्ञापन दिया है लेकिन पानी की व्यवस्था करने में सभी असफल रहे हैं. बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को तीन-तीन मंजिल पानी लेकर चढ़ना पड़ता है. धरना देने, मांग करने के बाद टैंकरों की संख्या बस कुछ दिनों के लिए बढ़ा दी जाती है. अमृत मिशन योजना के पाइपलाइन से भी पर्याप्त पानी नहीं आता. अधिकारी और जनप्रतिनिधि सिर्फ टालने का काम करते है. स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था करने कब से मांग की जा रही है लेकिन अब तक पूरी नहीं की गई. क्षेत्र में लाइट नहीं होने के कारण लूट-मार जैसी घटनाओं की संभावना बनी रहती है और महिला असुरक्षित महसूस करती है.

लोगों ने कहा कि घर के बदले पैसे ले लिए लेकिन सुविधाएं देना भूल गए. आज इतनी असुविधाओं के बीच हजारों परिवारों को जीना पड़ रहा है और सारी समस्याओं का हल खुद ही ढूंढने पर मजबूर होना पड़ता है. ऐसे में वे वोट क्यों दें. लोगों ने मांग की है कि जब तक सभी व्यवस्था ठीक नहीं की जाएगी तब तक निकाय चुनाव में वोट नहीं देंगे.