Special Story

दूध उत्पादन से लेकर चिराग योजना तक सरकार पर विपक्ष के सवाल, मंत्री ने जांच की घोषणा

दूध उत्पादन से लेकर चिराग योजना तक सरकार पर विपक्ष के सवाल, मंत्री ने जांच की घोषणा

Shiv Mar 13, 2026 3 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के 10वें दिन सदन में पशुपालन…

मंत्री लखनलाल देवांगन के विभागों के लिए 01 हजार 823 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

मंत्री लखनलाल देवांगन के विभागों के लिए 01 हजार 823 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

Shiv Mar 12, 2026 5 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा…

‘प्रदेश को बचाने के लिए सतर्क रहें’— अफीम की खेती पर भूपेश बघेल की चेतावनी

‘प्रदेश को बचाने के लिए सतर्क रहें’— अफीम की खेती पर भूपेश बघेल की चेतावनी

Shiv Mar 12, 2026 1 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री…

खेल क्रांति की नई कहानी : बस्तर ओलंपिक के बाद सरगुजा ओलंपिक से हो रहा उत्तर छत्तीसगढ़ में खेल युग की नई शुरुआत

खेल क्रांति की नई कहानी : बस्तर ओलंपिक के बाद सरगुजा ओलंपिक से हो रहा उत्तर छत्तीसगढ़ में खेल युग की नई शुरुआत

Shiv Mar 12, 2026 7 min read

रायपुर। अपनी समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और आदिवासी परंपराओं के…

March 13, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

8 % कम बजट में होगा महादेव घाट कॉरिडोर का काम, मंजूरी के लिए नगर निगम ने सरकार को भेजा प्रस्ताव

रायपुर। नगर निगम के चार महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में से एक महादेव घाट कॉरिडोर तय बजट से लगभग 8 प्रतिशत कम 17 करोड़ 60 लाख में तैयार होगा। इसके लिए 18 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट तैयार किया गया था, पहले ही टेंडर में कम दर आने के कारण निगम ने टेंडर स्वीकृत करने के बाद रेट अप्रूव्हल के लिए शासन को भेज दिया है।

इसके अलावा तेलीबांधा टॉवर, बूढ़ापारा सीएसईबी ऑफिस से टिकरापारा होते हुए पचपेढ़ी नाका तक गौरवपथ एवं शहर के 18 चौक-चौराहों को यातायात के लिए तैयार करने संबंधी टेंडर स्वीकृति के बाद निगम ने शासन को रेट अप्रूव्हल के लिए भेज दिया है। इस सप्ताह अप्रूव्हल आते ही भूमिपूजन के बाद नये साल से इन सभी प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिए जाएंगे। इन सभी प्रोजेक्ट पर लगभग 108 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अधिकारियों ने बताया कि इन सभी टेंडर्स में केवल 18 जंक्शन के लिए दूसरी बार टेंडर की नौबत आई। शेष सभी में पहली बार ही अच्छी दर आ गई। इनमें से रायपुर कंस्ट्रक्शन को गौरवपथ और 18 चौक-चौराहों का ठेका मिला। इससे पूर्व इस एजेंसी ने यूथ हब चौपाटी का भी काम किया था। शेष अन्य प्रोजेक्ट का काम भी तगड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद रायपुर की ही एजेंसियों ने ही हथिया लिया है।

नवंबर के पहले सप्ताह में इन सभी प्रोजेक्ट की स्वीकृति के बाद निगम ने टेंडर लगाया था। 21 दिन की तय समय-सीमा के बाद जब टेंडर खुला तो इसमें दूसरे राज्यों की एजेंसियों ने स्थानीय ठेकेदरों के साथ टेंडर में हिस्सा लिया था। इनमें तेलीबांधा ट्रेड टॉवर जिसकी निर्माण लागत 38 करोड़ रखी गई थी, न्यूनतम दर 37 करोड़ आने पर निविदा समिति ने इसे तय कर दिया। इसी प्रकार महादेव घाट कॉरिडोर निर्माण के लिए भी तय की गई 18 करोड़ की राशि में से 8 प्रतिशत कम दर पर यानी 1 करोड़ 44 लाख कम का दर निविदा समिति ने वित्तीय लिफाफा खोलने के बाद स्वीकृति कर दिया। इसके बाद शहर के 18 चौक-चौराहे (जंक्शन) का भी टेंडर 7 प्रतिशत बिलों में आया। इसकी भी लागत 5 करोड़ 50 लाख रुपये थी, इसमें भी अब कमी आ जाएगी। खम्हारडीह टंकी के काम पर अधिकारियों ने कहा कि मार्च से पहले यदि यह टंकी तैयार हो गई तो आने वाली गर्मी में कचना आदि क्षेत्रों में जलसंकट का सामना नागरिकों को नहीं करना पड़ेगा।

महादेवघाट में तीन एजेंसी करेगी काम

महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर बनने वाले महादेव घाट कॉरिडोर का काम नगर निगम के साथ ही सिंचाई और लोक निर्माण विभाग भी करेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए विधायक राजेश मूणत ने अलग-अलग दो आर्किटेक्ट से प्रस्ताव मंगाये थे। इनमें कॉरिडोर के रास्ते में आने वाली दुकानों को बिना हटाये ही व्यवस्थित रूप देकर उसी जगह पर उन्हें रखने का निर्देश दिया था। वहीं सामाजिक भवनों के रास्ते कॉरिडोर से अलग कर दिये जाएंगे। कॉरिडोर का काम महादेव घाट चौक के पास पेट्रोल पंप के सामने से शुरू किया जाएगा।