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March 20, 2026

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सदन में गृह निर्माण मंडल संशोधन विधेयक 2026 पारित, इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में आएगी तेजी

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 12 फरवरी 2004 को छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल का पुनर्गठन गठन किया गया. जिसका उद्देश्य विभिन्न आय वर्ग के लोगों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराना है. मण्डल द्वारा शासन की नीति/निर्देशों के अनुरूप 1 लाख से अधिक आवासों, जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए है, का निर्माण किया गया. छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा मण्डल के कार्याें को व्यापक विस्तार देने एवं आवास निर्माण के साथ-साथ अधोसंरचनागत विकास के कार्यो में सहभागिता निभाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल, अधिनियम-1972 में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई. अब छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल के रूप में कार्य करेगा.

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि सार्वजनिक हित, मण्डल के कार्यो को विस्तार देने, अधोसंरचनागत विकास माॅडल के कार्यो के प्रभावी रूप से क्रियान्वयन के उद्देश्य से मण्डल अधिनियम 1972 में संशोधन को मंजूरी दी गई है. इस संशोधन के साथ ही छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल एवं अधोसंरचना विकास मण्डल के रूप में विभिन्न आय वर्ग, विशेषकर कमजोर एवं निम्न व मध्यम आय वर्ग के लोगों को किफायति घर उपलब्ध कराने के अपने मूल कार्य के अतिरिक्त अधोसंरचना विकास की योजनाएं, पुनर्विकास, सार्वजनिक निजी सहभागिता की योजनाएं, मिश्रित भूमि उपयोग, नगर विकास योजनाएं, राज्य शासन द्वारा सौंपे गये अन्य विशेष योजनाओं को क्रियान्वयन कर सकेगा.

विभागीय मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि मण्डल अधोसंरचना विकास के अंतर्गत पुलों, सड़कों, राजमार्गो, हवाई अड्डों, जलप्रदाय, माल वाहन प्रणालियां विकसित कर क्रियान्वित कर सकेगा, साथ ही मण्डल राज्य के नगर विकास प्राधिकरणों, स्थानीय निकायों एवं अन्य संस्थाओं को तकनीकी एवं आंतरिक क्षमताओं व उनके वित्तीय संसाधनों में सुधारने के लिए सहायता व परामर्श सेवाएं भी उपलब्ध करा सकेगा. मण्डल को एक अर्बन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जायेगा. वाहनों की बढ़ती संख्या के अनुरूप सड़क चैड़ीकरण शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी को सुद्धढ़ करना, दुतगामी सड़क संपर्क योजना के अंतर्गत 2 लेन, 4 लेन दुतगति कारिडोर को विकास एवं निर्माण शहरी दोनों का समग्र विकास, अधोसंरचनागत विकास की विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भी अब छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल सहभागी होगा. उन्होंने बताया कि शासन द्वारा वर्ष 2024-25 के तृतीय अनुपुरक बजट में ऋण राशि 735 करोड़ का भुगतान कर, मण्डल को ऋण मुक्त किया गया.

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल अधिनियम-1972 में आवश्यक संशोधन एवं मण्डल को छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल के रूप में प्रतिस्थापित करने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विभागीय मंत्री ओ.पी. चौधरी, सभी मंत्रियों और विधायकों का आभार व्यक्त करते हुए मण्डल के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को, निर्माण कार्यो के साथ अधोसंरचनागत विकास कार्यो की योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी.

अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में लगभग मण्डल की 3050 करोड़ की 78 आवासीय परियोजनाएं प्रगति पर है. इनमें से 2060 करोड़ की 56 योजनाओं का शुभारंभ नवम्बर-2025 के आवास मेला में किया गया. ओ.टी.एस. के अंतर्गत वर्षों से रिक्त, संपत्तियों में से 221.21 करोड़ की 1447 संपत्ति का विक्रय किया गया. वहीं 650 करोड़ से अधिक की 6 रिडेव्हलपमेंट परियोजनाओं के दस्तावेज तैयार किये गये है. छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल के रूप में अब इन रिडेव्हलपमेंट योजनाओं के क्रियात्मक में तेजी आयेगी. मण्डल की कार्य योजनाएं संपूर्ण प्रदेश में संचालित है. इस विस्तार से मण्डल प्रदेश में नगर विकास योजनाओं के माध्यम से राज्य के नागरिकों को बेहतर और सुनियोजित शहरी और ग्रामीण अधोसंरचना विकास के साथ भूखण्ड़ और घर उपलब्ध करा सकेगा.

आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने बताया कि मण्डल के पास अधोसंरचना विकास और निर्माण के लिए पर्याप्त अनुभवी तकनीकी स्टाफ उपलब्ध है. मण्डल इस नई भूमिका के माध्यम से तकनीकी दक्षता, वित्तीय अनुशासन एवं संस्थागत विश्वसनीयता के साथ निर्माण और विकास के उच्च मानकों को स्थापित करते हुए किफायती आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ विभिन्न, विकास परियोजनाओं का क्रियान्वयन करेगा. मण्डल विद्यमान कालोनियों, जीर्ण-शीर्ण भवनों, पुनर्विकास की परियोजनाओं के साथ ही आवास और संबद्ध अधोसंरचना के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी से परियोजनाओं का क्रियान्वयन, स्लम क्षेत्र के पुनर्विकास की योजनाओं के साथ शासन द्वारा सौंपे गये अन्य परियोजनाओं का भी क्रियान्वयन कर सकेगा. आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने  मुख्यमंत्री, मंत्री और मण्डल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव का अधिनियम संशोधन विधेयक को मंजूरी के लिए आभार व्यक्त करते हुए मण्डल के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को बधाई दी. उन्होंने संपूर्ण समर्पण, कर्मठता से कार्य करते हुए शासन की नीति, निर्देशों और जन आकांक्षाओं के अनुरूप योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अपील की.