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भारतमाला मुआवजा घोटाले की आंच धमतरी में भी पहुंची, अफसर- ब्रोकर्स ने कर लिया करोड़ों का गोलमाल

धमतरी।  देश की बहुचर्चित भारतमाला परियोजना घोटाले की आंच अब छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले तक पहुंच गई है। ग्राम सिवनीकला के ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुआवजा वितरण में बड़े घोटाले के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन और नारेबाजी की।

मुआवजे की बंदरबांट का आरोप, अफसर-ब्रोकर्स की सांठगांठ

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भारतमाला परियोजना के अंतर्गत अधिग्रहित जमीनों के मुआवजे में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है।उनका कहना है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने अधिकारियों से मिलीभगत कर एक ही जमीन को कई टुकड़ों में दिखाकर करोड़ों रुपये का मुआवजा हड़प लिया।ग्रामीणों का आरोप है कि वास्तविक भूमि स्वामियों को उनका हक नहीं मिला, जबकि भूमाफिया और रसूखदार लोग मोटी रकम लेकर मालामाल हो गए।

कलेक्ट्रेट में गरजे ग्रामीण, दी आंदोलन की चेतावनी

कलेक्ट्रेट परिसर में “घोटालेबाजों होश में आओ” जैसे नारों के साथ ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए 15 दिन के भीतर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय सीमा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जिला स्तर पर उग्र आंदोलन छेड़ेंगे।

जांच की मांग, सरकार से पारदर्शिता की अपील

ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला सिर्फ मुआवजे का नहीं, बल्कि भ्रष्ट तंत्र और गरीबों के हक के शोषण का है। उन्होंने शासन से मांग की कि पूरे मुआवजा वितरण की सीबीआई या उच्च स्तरीय स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाई जाए, ताकि भ्रष्टाचार की परतें खुल सकें।